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डिजिटल ठगी के खिलाफ दुर्ग पुलिस की मुहिम, 200 से ज्यादा लोगों को बताए बचाव के तरीके…

नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाए ऑनलाइन फ्रॉड के हथकंडे, व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

भिलाई नगर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत 8 सितंबर 2026 को कला भवन, भिलाई नगर में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चैंबर ऑफ कॉमर्स और मुद्रा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापारिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े 200 से अधिक नागरिकों और प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

डिजिटल ठगी के खिलाफ दुर्ग पुलिस की मुहिम, 200 से ज्यादा लोगों को बताए बचाव के तरीके...

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी देना, डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करना और ठगी होने की स्थिति में तत्काल शिकायत करने के प्रति जागरूक करना था। यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।

नुक्कड़ नाटक ने समझाए ठगी के तरीके

जागरूकता कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से साइबर ठगी के सामान्य तरीकों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी KYC अपडेट, OTP और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश, ऑनलाइन भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे मामलों को उदाहरणों के जरिए समझाया गया।डिजिटल ठगी के खिलाफ दुर्ग पुलिस की मुहिम, 200 से ज्यादा लोगों को बताए बचाव के तरीके...

नागरिकों को बताया गया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करने और जल्दबाजी में ऑनलाइन भुगतान करने से बचना जरूरी है।

1930 पर तुरंत शिकायत करने की सलाह

कार्यक्रम में साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने या उसकी वापसी की संभावना बढ़ सकती है।

व्यापारिक और सामाजिक संगठनों की रही भागीदारी

कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स के 50 से अधिक सदस्य तथा 10 से ज्यादा सामाजिक फाउंडेशनों से जुड़े लगभग 200 नागरिक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। व्यापारिक और सामाजिक संगठनों की सहभागिता के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय, थाना प्रभारी भिलाई नगर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

सामाजिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र से मुद्रा फाउंडेशन की अध्यक्ष टीना सातपुते, चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री अजय भसीन, ऑफिसर एसोसिएशन के ए.के. बंचोर, बीएसपी ऑफिसर एसोसिएशन के पूर्व महासचिव परमिंदर सिंह, चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई की अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशेष सलाहकार कन्हैया सोनी तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रीजनल ऑफिस रायपुर के अनिल कुमार जायसवाल सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

साइबर क्राइम दुर्ग से उप निरीक्षक संकल्प राय ने उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से जुड़े प्रमुख खतरों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस के अनुसार OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अज्ञात एप्लीकेशन डाउनलोड करने तथा लालच या डर पैदा करने वाले संदेशों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से बचने की सलाह दी गई।

पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में नागरिकों की सतर्कता सबसे अहम है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करना चाहिए। दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

 

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