ट्रेडिंग कंपनी में निवेश पर लाभ का झांसा देकर लाखों रुपये एवं सोने के आभूषण की धोखाधड़ी करने वाले दंपत्ति गिरफ्तार

दुर्ग संक्षिप्त विवरण :
प्रार्थिया फातिमा अहमद उर्फ स्वाती द्वारा थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि पवन हरिहर सिंह एवं उसकी पत्नी पिंकी सिंह द्वारा स्वयं को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताते हुए ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कर अधिक लाभ अर्जित कराने का प्रलोभन दिया गया। आरोपियों ने विश्वास में लेकर प्रार्थिया से लगभग 25 लाख रुपये प्राप्त किए तथा प्रार्थिया की सहेली रजनी बारसकर के सोने के आभूषण प्राप्त कर उन्हें अपने नाम से IIFL Gold Finance, पावर हाउस चौक भिलाई में गिरवी रखकर लगभग 15 लाख रुपये प्राप्त किए।
धोखाधड़ी किए जाने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक 345/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी पवन हरिहर सिंह एवं पिंकी सिंह को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर दिनांक 19.06.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
▪️ घटना का कारण :
ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने की नियत से धोखाधड़ी करना।
▪️ घटनास्थल :
IIFL Gold Finance, पावर हाउस चौक भिलाई एवं थाना जामुल क्षेत्र।
▪️ आरोपी का नाम :
1. पवन हरिहर सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी नेहरू भवन के पास, अनाज लाइन, सुपेला, जिला दुर्ग।
2. पिंकी सिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी नेहरू भवन के पास, अनाज लाइन, सुपेला, जिला दुर्ग।
▪️ जप्त सामग्री :
1. धोखाधड़ी से संबंधित दस्तावेज एवं अभिलेख।
2. गिरवी रखे गए सोने के आभूषण संबंधी दस्तावेज।
3. अन्य प्रासंगिक साक्ष्य।
▪️ सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना जामुल पुलिस की टीम एवं विवेचना में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही, जिनके द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि निवेश, ट्रेडिंग अथवा वित्तीय लाभ संबंधी किसी भी प्रस्ताव पर विश्वास करने से पूर्व संबंधित संस्था एवं व्यक्तियों का सत्यापन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर अथवा वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय पर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।




