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जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में ‘सेव ए लाइफ’ पहल के अंतर्गत नागरिकों को दिया गया ‘हैंड्स-ओनली सीपीसीआर’ प्रशिक्षण…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएच एंड आरसी) द्वारा समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से ‘सेव ए लाइफ’ पहल के अंतर्गत ‘हैंड्स-ओनली सीपीसीआर (कार्डियो पल्मोनरी सेरेब्रल रिससिटेशन)’ प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 01 जून 2026 को अस्पताल के ओपीडी परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को उन महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक कौशलों से परिचित कराना था, जिनकी सहायता से अचानक कार्डियक अरेस्ट जैसी आपातकालीन स्थिति में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पूर्व प्रभावित व्यक्ति को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सही तकनीक से चेस्ट कंप्रेशन देने, आपातकालीन प्रतिक्रिया की प्रक्रिया तथा प्रारंभिक जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी गई। यह पहल मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. कौशलेन्द्र ठाकुर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।

कार्यशाला का संचालन एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. तनुजा आनंद एवं डॉ. जयिता सरकार द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को सीपीसीआर की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रदर्शन कराते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया तथा उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

इस अवसर पर उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कार्डियक आपातकाल की स्थिति में आसपास उपस्थित व्यक्ति ही सबसे पहले सहायता प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि सही समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीसीआर किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने नागरिकों से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। कार्यशाला में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बच्चों, युवाओं, महिलाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों ने प्रशिक्षण के दौरान मेडिकल मैनिक्विन पर सीपीसीआर का अभ्यास किया और जीवन रक्षक तकनीकों को समझा।

प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की टीम ने कार्डियो पल्मोनरी सेरेब्रल रिससिटेशन की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों एवं त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला।

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