सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा को ब्राह्मण समाज का समर्थन, मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…
भिलाई के सिविक सेंटर में जुटे विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, यूजीसी बिल, ईडब्ल्यूएस नियमों और एससी-एसटी एक्ट को लेकर उठाई आवाज

भिलाई। सवर्ण समाज के अधिकारों और विभिन्न मांगों को लेकर 23 अक्टूबर को भिलाई के सिविक सेंटर में सवर्ण अधिकार न्याय यात्रा के अंतर्गत विशाल आमसभा आयोजित की गई। श्री राजपूत करणी सेना के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में सरयूपारी ब्राह्मण समाज, कन्यकुब्ज ब्राह्मण समाज सहित सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। कार्यक्रम के बाद जिला कलेक्टर, दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर संबंधित विषयों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने जताया समर्थन
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ललित मिश्रा, सरयूपारी ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ मिश्रा, महासचिव रामलखन मिश्रा सहित दुर्ग-भिलाई के अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरयूपारी और कन्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने सवर्ण समाज की मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए न्याय यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर केंद्र और राज्य सरकार को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने समाज की मांगों के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने की अपील की।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
आयोजकों और समाज के प्रतिनिधियों की ओर से ज्ञापन में तीन प्रमुख मुद्दे उठाए गए। इनमें यूजीसी बिल को वापस लेने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अंतर्गत लागू नियमों को सरल बनाने तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग शामिल रही। ज्ञापन में एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि ईडब्ल्यूएस के नियमों को सरल बनाने से पात्र लोगों को योजनाओं और संबंधित सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत मिलनी चाहिए। वहीं, अन्य मांगों पर भी सरकार से विचार-विमर्श कर उचित निर्णय लेने की अपील की गई।
केंद्र और राज्य सरकार से गंभीरता से विचार करने की अपील
सभा में उपस्थित ब्राह्मण समाज सहित सवर्ण समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित पहल नहीं की गई, तो सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और सड़क पर संघर्ष करने को बाध्य होगा।
आयोजन में विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी को सवर्ण समाज के मुद्दों पर सामूहिक आवाज उठाने के प्रयास के रूप में देखा गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने तथा उनके समाधान के लिए आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही।
ये सामाजिक प्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ललित मिश्रा, प्रभुनाथ मिश्रा, रामलखन मिश्रा, चंद्रशेखर पाण्डेय, शंकर चरण पाण्डेय, नागेंद्र पाण्डेय, शशिकांत तिवारी, राकेश शुक्ला, गौक्लेश तिवारी, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सुधीर शर्मा, उर्मिला उपाध्याय, काजल मिश्रा, नर्मदा प्रसाद मिश्रा, राजीव तिवारी, राघवेंद्र प्रसाद पाठक, बृजमोहन तिवारी और मुकेश तिवारी सहित दुर्ग-भिलाई के ब्राह्मण समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए सवर्ण समाज की मांगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
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