IIT Bhilai Convocation 2026: 24 अक्टूबर को छठा दीक्षांत समारोह, पीएचडी से बीटेक तक 313 विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी उपाधियां…
IIT भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी, 24 अक्टूबर को सजेगा डिग्रियों का मंच

भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई अपने छठे दीक्षांत समारोह के आयोजन के लिए तैयार है। यह समारोह 24 अक्टूबर 2026 को संस्थान के परिसर स्थित नालंदा हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2026 में स्नातक होने वाले कुल 313 विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की जाएंगी।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और सीनेट पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. विजय कुमार सारस्वत होंगे मुख्य अतिथि
समारोह में डॉ. विजय कुमार सारस्वत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और दीक्षांत भाषण देंगे। वे नीति आयोग के पूर्व सदस्य, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) के पूर्व सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के पूर्व महानिदेशक तथा भारत सरकार के रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार रह चुके हैं।
IIT भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय समारोह की अध्यक्षता करेंगे। उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह समारोह संस्थान के शैक्षणिक सफर और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को रेखांकित करेगा।
313 विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी उपाधियां
वर्ष 2026 के स्नातक बैच में विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल हैं। संस्थान की ओर से जारी विवरण के अनुसार, इस बार कुल 313 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
कार्यक्रमवार विद्यार्थियों का विवरण इस प्रकार है:
- पीएचडी: 19 विद्यार्थी
- एमएससी: 37 विद्यार्थी
- एमटेक: 79 विद्यार्थी
- बीटेक (ऑनर्स): 8 विद्यार्थी
- बीटेक: 170 विद्यार्थी
इन विद्यार्थियों की उपलब्धियां संस्थान में उच्च शिक्षा, तकनीकी कौशल और शोध के क्षेत्र में हो रही प्रगति को दर्शाती हैं।
मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगे स्वर्ण पदक और सीनेट पुरस्कार
दीक्षांत समारोह के दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। अपने बैच में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने वाले बीटेक विद्यार्थी को इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल (Institute Gold Medal) प्रदान किया जाएगा।
वहीं, शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ पाठ्येतर गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बीटेक और एमटेक विद्यार्थियों को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल (Director’s Gold Medal) से सम्मानित किया जाएगा।
बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी कार्यक्रमों में समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाली सर्वश्रेष्ठ महिला विद्यार्थी को विशेष डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा, विभिन्न शाखाओं और शैक्षणिक कार्यक्रमों में सर्वाधिक सीजीपीए हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सीनेट अवॉर्ड्स (Senate Awards) दिए जाएंगे।
डिजिटल डिग्री से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
डिजिटल इंडिया की पहल के अनुरूप IIT भिलाई डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र प्रदान करने की व्यवस्था के माध्यम से तकनीक के उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को बढ़ावा दे रहा है।
संस्थान के अनुसार, डिजिटल डिग्री प्रमाणपत्र की यह पहल भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में अपनी तरह की पहली पहल है। अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डिग्री प्रमाणपत्र स्नातक विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह के दिन पेनड्राइव में उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह व्यवस्था डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक मुद्रित दस्तावेजों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
2016 में हुई थी IIT भिलाई की स्थापना
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई की स्थापना 7 अगस्त 2016 को हुई थी। संस्थान का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था।
इसके बाद 14 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्थान के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी। 20 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री ने IIT भिलाई के अत्याधुनिक परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया।
संस्थान के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम 27 सितंबर 2025 को उठाया गया, जब प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से IIT भिलाई के फेज-B निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।
छत्तीसगढ़ में तकनीक और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
IIT भिलाई की विकास यात्रा में 31 मई 2026 को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी। इस दिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने IIT भिलाई, छत्तीसगढ़ सरकार और दुर्ग नगर निगम के संयुक्त सहयोग से विकसित आईटी पार्क का उद्घाटन किया।
यह राज्य का अपनी तरह का पहला आईटी पार्क है। इससे छत्तीसगढ़ में तकनीक, नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। साथ ही, यह परियोजना राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी वातावरण तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शिक्षा, शोध और तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव
IIT भिलाई का छठा दीक्षांत समारोह संस्थान के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 313 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान किए जाने के साथ यह आयोजन उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी कौशल के क्षेत्र में संस्थान की भूमिका को सामने लाएगा।
स्वर्ण पदकों और सीनेट पुरस्कारों के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ डिजिटल डिग्री की पहल संस्थान की तकनीक-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को भी रेखांकित करती है।
इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।




