जेएलएनएचआरसी में नेतृत्व विकास की नई पहल, आन्या 3.0 की सीख से नर्सों ने सीखा बदलाव का हुनर…
भिलाई इस्पात संयंत्र में माइक्रो लर्निंग सत्र: 20 नर्सों को मानव दुग्ध दान के प्रति जागरूकता और परामर्श कौशल की ट्रेनिंग

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) में आन्या 3.0 महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम की सीख को कार्यस्थल तक पहुंचाने की दिशा में पहला विभागीय माइक्रो लर्निंग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-एलएंडडी) संजीव श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

नेतृत्व की सीख को मरीजों की देखभाल से जोड़ा
सेल का महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम आन्या चयनित महिला अधिकारियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ विविधता और समावेशन पर आधारित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। जेएलएनएचआरसी का यह सत्र इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नेतृत्व विकास की सीख को सीधे मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास रहा।
सत्र की संकल्पना और संचालन आन्या 3.0 की मुख्य सलाहकार एवं जेएलएनएचआरसी के शिशु रोग एवं नवजात विज्ञान विभाग की मुख्य सलाहकार डॉ. माला चौधरी ने किया। आन्या कार्यक्रम की संकाय सदस्य के रूप में उन्होंने नेतृत्व की अवधारणा को व्यवहारिक कार्यप्रणाली में लागू करने पर जोर दिया।
मानव दुग्ध दान पर 20 नर्सों ने सीखी महत्वपूर्ण बातें
‘मानव दुग्ध दान के लिए नर्स प्रतिभागियों को सशक्त बनाना – जागरूकता से कार्रवाई तक’ विषय पर आयोजित माइक्रो लर्निंग सत्र में जेएलएनएचआरसी की 20 कार्यपालक एवं गैर-कार्यपालक नर्सों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान मानव दुग्ध दाताओं की पहचान, उन्हें प्रोत्साहित करने और लगातार इस पहल से जोड़कर रखने से संबंधित जानकारी साझा की गई। साथ ही प्रभावी परामर्श कौशल और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
सत्र में नर्सों की नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के साथ नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा में उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नियमित कार्यक्रमों से संगठन को मिलेगा लाभ
संजीव श्रीवास्तव ने नेतृत्व विकास को लगातार जारी रखने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र की पहल की सराहना की। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से प्रशिक्षण के दौरान मिली सीख को संगठन के विभिन्न स्तरों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसका प्रभाव संगठनात्मक उत्कृष्टता के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी दिखाई दे सकता है।
आन्या 1.0 की प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में आन्या 1.0 बैच की उप महाप्रबंधक (परियोजनाएं) शबनम और उप महाप्रबंधक (कॉन्ट्रैक्ट सेल, वर्क्स एवं बजटिंग विभाग) ललिता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। दोनों ने अपने नेतृत्व विकास के अनुभव साझा किए और नर्स प्रतिभागियों को अपनी कार्यभूमिका में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने नर्सों से अपने दायित्वों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने और कार्यस्थल पर नेतृत्व की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कक्ष से सीधे कार्यस्थल तक पहुंची पहल
सत्र का समन्वय उप प्रबंधक (मानव संसाधन-एलएंडडी) सुष्मिता पाटला ने किया। उप प्रबंधक (नर्सिंग प्रशासन) शायला अब्राहम और सहायक प्रबंधक (आपातकालीन सेवाएं) लता मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
जेएलएनएचआरसी में आयोजित यह माइक्रो लर्निंग सत्र नेतृत्व विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय उसे दैनिक कार्यप्रणाली में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
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