
दुर्ग | धमधा पुलिस ने अवैध एवं क्रूरतापूर्वक मवेशियों के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 मवेशियों को बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आइसर वाहन में 3 पड़वा और 12 भैंसों को पर्याप्त चारा-पानी के बिना ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने इन मवेशियों को नंदिनी क्षेत्र से सागर, मध्यप्रदेश स्थित कत्लखाने ले जाने की बात बताई है।
मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड में घेराबंदी
पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर को मुखबिर और गौसेवक से सूचना मिली कि धमधा की ओर एक आइसर वाहन में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस टीम ने बस स्टैंड स्थित साहू होटल के सामने घेराबंदी की।
कुछ देर बाद वाहन क्रमांक UP 83 ET 3857 मौके पर पहुंचा। पुलिस और गौसेवकों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।
मौके पर गौसेवकों और वाहन चालक के बीच विवाद तथा चक्काजाम जैसी स्थिति बनने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
तिरपाल से ढककर रखे गए थे 15 मवेशी
वाहन की तलाशी लेने पर पीछे बने डाले को हरे रंग की तिरपाल से ढका पाया गया। अंदर 3 पड़वा और 12 काले रंग की भैंस, यानी कुल 15 मवेशी, मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार पशुओं को पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराए बिना और अत्यधिक संख्या में ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था, जिससे उनके साथ क्रूरता की स्थिति सामने आई।
उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पूछताछ में वाहन चालक शिवशंकर (35) और उसके साथी परविंद कुमार (42) ने मवेशियों को नंदिनी क्षेत्र से सागर, मध्यप्रदेश स्थित कत्लखाने ले जाने की जानकारी दी।
दोनों आरोपी ग्राम खेरिया सिकमी गोहाना, थाना फरिहा, जिला फिरोजाबाद, उत्तरप्रदेश के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों को 5 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
21.90 लाख रुपए का वाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने—
- आइसर वाहन क्रमांक UP 83 ET 3857 — अनुमानित कीमत ₹21,90,000
- 3 पड़वा
- 12 भैंस
- कुल 15 मवेशी
जब्त किए हैं।
मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। उनके सुरक्षित रख-रखाव के लिए आवश्यक कार्रवाई हेतु पशु चिकित्सालय, धमधा भेजा गया है। मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
तिरपाल में छिपाकर अधिक संख्या में भरने का तरीका
पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा वाहन के पीछे बने डाले में तिरपाल लगाकर मवेशियों को छिपाया गया था। पर्याप्त चारा-पानी की व्यवस्था किए बिना अधिक संख्या में पशुओं को एक साथ भरकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा रहा था।
इनकी रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना धमधा के प्रशिक्षु उप निरीक्षक सत्यवान राठौर, आरक्षक अरुण चौहान क्रमांक 564 और चालक आरक्षक यशवंत साहू क्रमांक 533 की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पशुओं के अवैध अथवा क्रूरतापूर्वक परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और वैधानिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार पशुओं से संबंधित किसी भी गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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