
भिलाई। विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार सृजन और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्वावलंबी भारत अभियान एवं यंग जनरेशन भारत (YGB) द्वारा उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत भिलाई शहर के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, नवाचार, व्यवसायिक संभावनाओं और बदलती तकनीक के बीच उपलब्ध नए अवसरों की जानकारी दी जा रही है।
स्वावलंबी भारत अभियान के सह समन्वयक एवं चेम्बर भिलाई इकाई के महामंत्री अजय भसीन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किस तरह अपनी प्रतिभा, रुचि और नए विचारों को व्यवसायिक रूप देकर स्वयं के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय भसीन ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नए रोजगार और अवसर पैदा करने वाला उद्यमी भी बन सकता है। यदि विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही नवाचार, समस्या समाधान और उद्यमिता की सोच विकसित की जाए, तो वे भविष्य में अपने साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
भिलाई चेम्बर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने कहा कि बदलते समय के साथ व्यापार और रोजगार के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। नई तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं। विद्यार्थियों को इन बदलावों को समझते हुए अपनी प्रतिभा और रुचि के अनुरूप भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।
भिलाई चेम्बर चेयरमैन दिनकर बसोतिया ने कहा कि उद्यमिता किसी भी देश के आर्थिक विकास, सामाजिक बदलाव और नवनिर्माण की रीढ़ है। यदि युवा विद्यार्थी इस विचार को छोटी उम्र से ही अपने मन में आत्मसात कर लें, तो उद्यमिता प्रोत्साहन का यह प्रयास सार्थक साबित होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शहर के अन्य विद्यालयों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मनिर्भरता और व्यवसायिक अवसरों के लिए प्रेरित किया जाएगा।
दो विद्यालयों में हुआ आयोजन
उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम इंदु आई.टी. स्कूल तथा नेहरू उच्चतर माध्यमिक शाला, खुर्सीपार में आयोजित किया गया। दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की और उद्यमिता, नवाचार तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी हासिल की।
दोनों विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने चेम्बर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन, व्यवसाय, नवाचार और आत्मनिर्भरता के विषय में मार्गदर्शन देना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की इच्छा व्यक्त की।




