
रायपुर/विशाखापत्तनम। वरिष्ठ भाजपा नेता और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशाखापत्तनम प्रवास के दौरान आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन (AMTZ) का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने यहां संचालित मेडिकल उपकरणों के विनिर्माण, शोध और नवाचार से जुड़ी अत्याधुनिक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता को समझा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ का प्रभावी मॉडल बताया
AMTZ के भ्रमण के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ विजन का प्रभावी उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि एक समय भारत गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक मेडिकल उपकरणों के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों पर निर्भर था। अब देश में ही आधुनिक मेडिकल उपकरणों के अनुसंधान और निर्माण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि AMTZ जैसे मेडटेक पार्क में मेडिकल उपकरणों के विकास, परीक्षण और उत्पादन के लिए एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होना भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ में मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाएं
सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से मेडिकल डिवाइस एवं फार्मा मैन्युफैक्चरिंग के लिए उपयुक्त संभावनाएं रखता है।
उन्होंने कहा कि AMTZ के मॉडल से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी और उपकरण निर्माण क्लस्टर स्थापित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उनके अनुसार, इससे प्रदेश में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे, उच्चस्तरीय रोजगार का विस्तार होगा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
मेडिकल हब बनने की दिशा में बढ़ेगा प्रदेश
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेडिकल डिवाइस निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया जाए तो प्रदेश को भविष्य में एक महत्वपूर्ण मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन को स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ औद्योगिक विकास से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।
दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत
अग्रवाल ने विश्वास जताया कि भारत में मेडिकल टेक्नोलॉजी का विकास जिस गति और गुणवत्ता के साथ हो रहा है, उससे आने वाले समय में देश स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।
उन्होंने कहा कि भारत केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे https://jantakikalam.com









