सौर ऊर्जा से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य, खनिज संपदा के साथ स्वच्छ ऊर्जा में भी बनाएंगे पहचान: बृजमोहन अग्रवाल…
‘छत्तीसगढ़ संवाद’ में सांसद ने गिनाए सोलर पावर के फायदे, पंपों और घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर दिया जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ एवं सम्मान समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश में सौर ऊर्जा के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर चर्चा हुई।
सौर ऊर्जा को बताया समय की जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मानव शरीर पंचतत्वों से बना है और सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है। घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने से ऊर्जा की बचत के साथ कार्यक्षमता में भी वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि कोयले पर अत्यधिक निर्भरता के कारण प्रदूषण, धूल और परिवहन से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं। इसका प्रभाव पर्यावरण के साथ मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ऐसे में सौर ऊर्जा को अपनाना वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है।
2.5 लाख सिंचाई पंपों का किया उल्लेख
अग्रवाल ने केंद्र सरकार की सौर ऊर्जा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में करोड़ों घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 2.5 लाख सिंचाई पंपों को ऊर्जीकृत करने की दिशा में कार्य हुआ है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में भी कृषि पंपों को बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भविष्य में प्रदेश के अधिक से अधिक घरों और सिंचाई पंपों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने पर जोर दिया जाना चाहिए।
सब्सिडी का बोझ घटने की उम्मीद
सांसद ने कहा कि वर्तमान में विद्युत क्षेत्र में करीब ₹10,000 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा का विस्तार होने पर सब्सिडी के बोझ को कम किया जा सकता है। इसका लाभ प्रदेश के मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को मिल सकता है तथा उनकी आर्थिक स्थिति और जीवन स्तर में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
खनिज संपदा के साथ सौर शक्ति भी बने पहचान
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला, लौह अयस्क, एल्युमिनियम और लाइमस्टोन जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मजबूत बनाया जाता है, तो छत्तीसगढ़ और रायपुर देश के तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा को प्रदूषण नियंत्रण और विकास से जोड़ते हुए कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार प्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सोलर क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स हुए सम्मानित
समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न स्टेकहोल्डर्स और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संतोष मिश्रा और उनकी टीम को बधाई दी।
उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्वच्छ और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, CSPDCL चेयरमैन भीम सिंह कंवर, CSWA अध्यक्ष संतोष मिश्रा, राकेश खंडेलवाल, लकी जुमलानी सहित प्रदेशभर से पहुंचे सौर ऊर्जा क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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