
भिलाई, 21 अगस्त 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की केंद्रीय टीम के भिलाई प्रवास के दौरान नई श्रम संहिताओं और श्रमिक कल्याण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों एवं श्रमिकों को नई श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों से परिचित कराने के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन, कल्याणकारी उपायों और कार्यस्थल से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने सहभागिता की। टीम का नेतृत्व निदेशक (श्रम सुधार), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय डॉ. पी. के. जेना ने किया। उनके साथ अवर सचिव, एलआरसी संजय कुमार तिवारी तथा श्रम कल्याण आयुक्त (मुख्यालय), पीएमयू-एलआरसी ओ. पी. सिंह उपस्थित रहे।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन), भिलाई इस्पात संयंत्र संजय द्विवेदी ने स्वागत उद्बोधन दिया। वहीं कार्यपालक निदेशक (रावघाट), सेल-भिलाई अरुण कुमार ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में सांसद, दुर्ग विजय बघेल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्रम प्रशासन और श्रमिक कल्याण से जुड़े विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया। इनमें उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) बी. सी. नायक, क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) अखिलेश राय, सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) पी. के. दीक्षित, आरपीएफसी-II, ईपीएफओ गौरव डोगरा, उप निदेशक, ईएसआईसी रत्नेश राजन्या, उप निदेशक, ईएसआईसी एन. के. धीरेन्द्र पटनायक तथा उप निदेशक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, छत्तीसगढ़ शासन मनीष कुंजाम शामिल रहे।
यूनियनों और व्यापक कार्यबल की सक्रिय भागीदारी
भिलाई इस्पात संयंत्र की विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। बीएसपी के मानव संसाधन अधिकारी, श्रम कल्याण अधिकारी और कॉन्ट्रैक्ट ऑपरेटिंग अथॉरिटीज भी मौजूद रहे। इसके अलावा एनएसपीसीएल एवं एसआरयू के कर्मचारियों और श्रमिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस व्यापक भागीदारी ने भिलाई औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां श्रम कानूनों, कार्यस्थल से जुड़े विषयों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ।
सीएसआर और श्रमिक कल्याण पर डॉक्यूमेंट्री ने दिखाई तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र की सीएसआर पहलों एवं श्रमिक कल्याण के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसके बाद सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) के. शशांक राव ने विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से संयंत्र में संचालित विभिन्न कल्याणकारी पहलों और सुविधाओं की जानकारी दी।
नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुति
इसके पश्चात डॉ. पी. के. जेना ने नई श्रम संहिताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने इनके विधायी ढांचे, प्रमुख प्रावधानों और श्रमिकों के हित में प्रस्तावित विभिन्न कल्याणकारी उपायों की जानकारी साझा की। प्रस्तुति के दौरान प्रतिभागियों को नई व्यवस्था के उद्देश्यों तथा श्रम क्षेत्र में इसके संभावित प्रभावों को समझने का अवसर मिला।
सवाल-जवाब में सामने आए श्रमिक हित से जुड़े मुद्दे
कार्यक्रम का संवाद एवं प्रश्नोत्तरी सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। कर्मचारियों, श्रमिकों, यूनियन प्रतिनिधियों और विभिन्न सहभागी संगठनों ने नई श्रम संहिताओं, उनके क्रियान्वयन तथा श्रमिक कल्याण से जुड़े प्रश्न सीधे केंद्रीय टीम के अधिकारियों के समक्ष रखे।
केंद्रीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं और चिंताओं पर आवश्यक जानकारी साझा की। इस संवाद ने प्रबंधन, कार्यबल और केंद्र सरकार के श्रम प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया।
सार्थक संवाद के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) नवनीता चौहान ने किया। समापन अवसर पर महाप्रबंधक (एचआर-आईआर एवं सीएलसी), सेल-भिलाई राजीव कुमार ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय टीम, सांसद, वरिष्ठ अधिकारियों, यूनियन प्रतिनिधियों, कर्मचारियों, श्रमिकों और सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया तथा कार्यक्रम की सफलता में सामूहिक योगदान को रेखांकित किया।
नई श्रम संहिताओं पर आयोजित यह पहल श्रम कानूनों की समझ बढ़ाने, कल्याणकारी प्रावधानों की जानकारी पहुंचाने और कार्यबल एवं प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। कार्यक्रम ने भिलाई के औद्योगिक कार्यबल को एक साझा मंच पर लाकर श्रमिक हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का प्रभावी अवसर प्रदान किया।







