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नराकास भिलाई-दुर्ग ने रचा राजभाषा में नया कीर्तिमान

63वीं छमाही बैठक में उत्कृष्ट संस्थानों और हिंदी सेवियों का सम्मान

भिलाई, 21 अगस्त 2026: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग की 63वीं छमाही बैठक एवं वार्षिक पुरस्कार समारोह का आयोजन भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) एवं नराकास, भिलाई-दुर्ग के कार्यकारी अध्यक्ष पवन कुमार ने की। समारोह में महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

नराकास भिलाई-दुर्ग ने रचा राजभाषा में नया कीर्तिमान

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत उद्बोधन में राघवेन्द्र कुमार गर्ग ने कहा कि नराकास से संबद्ध संस्थानों ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन में निरंतर सराहनीय योगदान दिया है। उन्होंने हिंदी में कार्यालयीन कार्यों को बढ़ावा देने तथा उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक के दौरान पिछली बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन तथा आगामी तिमाही की कार्यसूची प्रस्तुत की गई। अनुमोदन के बाद विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।

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मुख्य अतिथि पवन कुमार ने वर्ष 2025-26 के लिए नराकास, भिलाई-दुर्ग को सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ घोषित किए जाने पर सभी सदस्य संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों, हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता और राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन का परिणाम है। उन्होंने नराकास द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों को हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

विशिष्ट अतिथि अमूल्य प्रियदर्शी ने भी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ उसे और ऊँचाई तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

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इस अवसर पर भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य), भोपाल के उप निदेशक (कार्यान्वयन) एवं कार्यालयाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह मेहरा का विशेष संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में नराकास के संयोजक संस्थान के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रयासों की सराहना करते हुए ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

उत्कृष्टता के लिए संस्थानों और कार्मिकों का सम्मान

समारोह में नराकास मूल्यांकन उपसमिति की अनुशंसा के आधार पर विभिन्न संस्थानों को अग्रगण्य, अग्रदूत, ध्वजवाहक एवं आरोहण पुरस्कार प्रदान किए गए। हिंदी में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कार्मिकों को राजभाषा विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।

भिलाई इस्पात संयंत्र को वर्ष 2025-26 के लिए ‘राजभाषा शिखर पुरस्कार’ प्रदान किया गया। वहीं एच.एस.सी.एल., भिलाई की राजभाषा अधिकारी वंदना चौधरी को ‘राजभाषा उन्नायक सम्मान’ से नवाजा गया।

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कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन एच.एस.सी.एल., भिलाई की राजभाषा अधिकारी वंदना चौधरी ने किया।

समारोह में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में कार्यरत केंद्र सरकार के उपक्रमों, प्रतिष्ठानों, विभागों, बैंकों एवं बीमा कंपनियों सहित नराकास के 49 सदस्य संस्थानों के प्रमुख, हिंदी अधिकारी तथा सम्मानित कार्मिक उपस्थित रहे।

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