
भिलाई । ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग’ की 63वीं छमाही बैठक एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 21 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केन्द्र स्थित भूतल सभागार में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग के अध्यक्ष चित्त रंजन महापात्र करेंगे। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप देशभर में केन्द्र सरकार के उपक्रमों, प्रतिष्ठानों, विभागों, बैंकों एवं बीमा संस्थानों के बीच हिंदी में कार्यालयीन कार्यों को बढ़ावा देने तथा प्रभावी समन्वय स्थापित करने के लिए 592 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की छमाही बैठकों में सदस्य संस्थानों के प्रमुखों की सहभागिता अनिवार्य होती है।
भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में केन्द्र सरकार के कार्यालयों के बीच समन्वय को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से ‘नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग’ का गठन 26 नवंबर 1986 को किया गया था। राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार समिति की छमाही बैठकें प्रत्येक वर्ष जनवरी और अगस्त में आयोजित की जाती हैं। समिति में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में स्थित केन्द्र सरकार के उपक्रम, प्रतिष्ठान, विभाग, बैंक एवं बीमा कंपनियां सदस्य संस्थानों के रूप में शामिल हैं।
समिति के सचिव एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के उप महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) राघवेन्द्र कुमार गर्ग ने बताया कि समारोह में 62वीं छमाही बैठक की कार्यसूची के अनुपालन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही आगामी छमाही के लिए कार्ययोजना एवं कार्यसूची निर्धारित की जाएगी।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण वार्षिक पुरस्कार समारोह होगा। वर्ष 2025-26 के दौरान सदस्य संस्थानों में हिंदी के प्रयोग, राजभाषा संबंधी सांविधिक प्रावधानों के अनुपालन तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर संस्थानों को शिखर, अग्रगण्य, अग्रदूत, ध्वजवाहक एवं आरोहण पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके साथ ही हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय व्यक्तिगत योगदान के लिए राजभाषा विशिष्ट सेवा सम्मान और राजभाषा उन्नायक सम्मान से भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह के माध्यम से न केवल उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिलेगी, बल्कि सदस्य संस्थानों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और प्रभावी राजभाषा क्रियान्वयन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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