सिंटर प्लांट-3 में अत्याधुनिक मॉडल विद्युत नियंत्रण कक्ष का लोकार्पण, डिजिटल एवं सुरक्षित संचालन व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-3 में आधुनिकीकरण, विद्युत सुरक्षा, उपकरणों की विश्वसनीयता तथा डिजिटल संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल विद्युत नियंत्रण कक्ष का नवीनीकरण कर उसका लोकार्पण किया गया। यह आधुनिक नियंत्रण कक्ष संयंत्र के महत्वपूर्ण विद्युत एवं ऑटोमेशन तंत्रों के सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस मॉडल विद्युत नियंत्रण कक्ष में एलसीआई ड्राइव, आरआईओपी प्रणाली सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विद्युत एवं ऑटोमेशन उपकरण स्थापित किए गए हैं, जो सिंटर प्लांट-3 के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उपकरणों की कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता को बढ़ाने के उद्देश्य से यहां औद्योगिक श्रेणी के नवीन एयर कंडीशनिंग यूनिट, इपॉक्सी रेजिन इंसुलेटेड फ्लोरिंग, रियल-टाइम ह्यूमन मशीन इंटरफेस (HMI), रिमोट बसबार तापमान निगरानी प्रणाली तथा आधुनिक विद्युत सुरक्षा उपकरण स्थापित किए गए हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से उपकरणों की सतत निगरानी, त्वरित निर्णय, बेहतर सुरक्षा तथा अनुरक्षण कार्यों की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
यह परियोजना मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) सजीव वर्गीज तथा महाप्रबंधक प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष (सिंटर प्लांट-3) राहुल बिजुरकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। परियोजना के क्रियान्वयन में महाप्रबंधक (ओएचपी) भादेव टुडू एवं महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3) विवेक श्रीवास्तव ने नेतृत्व प्रदान किया, जबकि उप महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3) दीपक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अरुणेश शर्मा, राजेश साहू, के. के. वर्मा, एस. सी. साहू, अनिल खापेकर, देवेन्द्र यादव एवं कुशांक पटेल ने इसके सफल निष्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस कार्य में तत्कालीन महाप्रबंधक (मैकेनिकल) आई. वी. रमणा का भी उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
लोकार्पण समारोह में मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत) टी. के. कृष्णकुमार, महाप्रबंधक (एसीडब्ल्यूई) एस. के. बेहरा सहित भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल आधुनिक इंजीनियरिंग, डिजिटल परिवर्तन, विद्युत सुरक्षा एवं अनुरक्षण उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आधुनिक नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सिंटर प्लांट-3 की परिचालन विश्वसनीयता, उपकरण उपलब्धता तथा कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।




