
रायपुर। मारवाड़ी शमशान घाट में स्वर्गीय विनोद शुक्ल जी को श्रद्धांजलि देते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि,“ विनोद कुमार शुक्ल जी ने हिंदी साहित्य को केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी सरल, संवेदनशील और मानवीय सरोकारों से जुड़ी रचनाएँ साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध लिए उनकी लेखनी ने वैश्विक स्तर पर भारतीय साहित्य की प्रतिष्ठा बढ़ाई। उनका जाना साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने कहा कि, विनोद कुमार शुक्ल जी
आज देह से तो विदा हो गए,
पर संवेदना की वह रोशनी
जो उन्होंने रची,
वह कभी बुझ नहीं सकती।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों और साहित्य प्रेमियों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
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