छह महीने के मासूम का अपहरण कर 29 लाख रुपये में बेचा, रीवा पुलिस ने मुंबई से सुरक्षित छुड़ाया; 11 आरोपी गिरफ्तार…
CCTV फुटेज की मदद से सुलझा सनसनीखेज मामला, मौगंज से महाराष्ट्र के कल्याण और रायगढ़ तक पुलिस ने की कार्रवाई, एक आरोपी अब भी फरार

रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा में छह महीने के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कॉलेज चौराहे से 7 मई की रात अगवा किए गए बच्चे को रीवा पुलिस ने पांच दिन के भीतर महाराष्ट्र से सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। पुलिस ने इस मामले में बच्चा अपहरण और खरीद-फरोख्त में शामिल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
मामले में सामने आया कि अपहरण के बाद बच्चे को मुंबई ले जाकर पहले 8 लाख रुपये में बेचा गया। इसके बाद दूसरे खरीदार को 29 लाख रुपये में सौंप दिया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।
माता-पिता के पास सो रहा था मासूम, बाइक सवारों ने किया अपहरण
घटना 7 मई की रात की है। कॉलेज चौराहे पर फुटपाथ के पास बच्चे के माता-पिता सो रहे थे। इसी दौरान दो आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे और उनके पास सो रहे छह महीने के बच्चे को उठाकर फरार हो गए। बच्चे के माता-पिता रोजी-रोटी के लिए फेरी लगाकर जीवनयापन करते हैं।
बच्चे के गायब होने की सूचना मिलते ही परिजनों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 222/2024 के तहत धारा 363, 370 और 34 में मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस ने बनाई तीन विशेष टीमें, CCTV से मिली आरोपियों की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल शहर और जिले में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस महानिरीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रीवा के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह के निर्देशन में तीन विशेष टीमें गठित की गईं।
इनमें तकनीकी सेल CCTV मॉनिटरिंग टीम, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह के नेतृत्व में फुटेज ट्रैकिंग टीम और नगर पुलिस अधीक्षक ऋतु उपाध्याय के नेतृत्व में SIT टीम शामिल थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर एवं विवेक लाल के नेतृत्व में टीमों ने जांच को आगे बढ़ाया।
CCTV फुटेज की जांच में मोटरसाइकिल से बच्चे को ले जाने वाले आरोपियों की पहचान मोहम्मद सलीम और अतुल जायसवाल के रूप में हुई। दोनों मौगंज के निवासी बताए गए। पुलिस ने दबिश देकर सलीम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपहरण की पूरी साजिश का खुलासा किया।
मुंबई में 8 लाख में बेचा, फिर 29 लाख रुपये में हुआ सौदा
जांच में पता चला कि नितिन सोनी अपनी पत्नी स्वाति के साथ मौगंज आया था। दोनों ने मोहम्मद हारून, मोहम्मद सलीम, मुस्कान रावत, देवेश जायसवाल और गुड्डू गुप्ता सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी।
योजना के तहत बच्चे का अपहरण कर उसे महाराष्ट्र के मुंबई ले जाया गया। वहां नितिन और स्वाति ने बच्चे को अमोल मधुकर, अरबी उर्फ सजेल और प्रदीप कोलंबे को 8 लाख रुपये में बेच दिया।
इसके बाद अमोल और सजेल ने बच्चे का सौदा रायगढ़ निवासी श्रीकृष्ण संतराम पाटिल से 29 लाख रुपये में कर दिया। बताया गया कि श्रीकृष्ण पाटिल की शादी के कई वर्षों बाद भी संतान नहीं थी। इसी वजह से उसने आरोपियों के माध्यम से बच्चे को हासिल करने के लिए बड़ी रकम देने पर सहमति जताई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अमोल मुंबई के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में अटेंडेंट के रूप में काम करता है, जबकि उसकी पत्नी अरबी शेयर ट्रेडिंग कंपनी में कार्यरत है।
मौगंज, कल्याण और रायगढ़ से 11 आरोपी गिरफ्तार
रीवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मौगंज, रीवा और महाराष्ट्र के कल्याण एवं रायगढ़ के निवासी शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
मोहम्मद सलीम अंसारी उर्फ असलम (19), निवासी मौगंज।
मोहम्मद हारून उर्फ मंगुरे (24), निवासी मौगंज।
देवेश जायसवाल उर्फ दादा (24), निवासी मौगंज, वर्तमान पता संजय नगर, रीवा।
मुस्कान रावत उर्फ पार्वती उर्फ पारो (19), निवासी मौगंज।
नितिन सोनी (26), निवासी कल्याण, महाराष्ट्र।
स्वाति सोनी (24), निवासी कल्याण, महाराष्ट्र।
अमोल अरुणकर (35), निवासी कल्याण।
अरबी उर्फ सजेल (32), निवासी कल्याण।
प्रदीप कोलंबे, निवासी कल्याण।
श्रीकृष्ण संतराम पाटिल (53), निवासी मखाकाचली, रायगढ़, महाराष्ट्र।
गुड्डू (22), निवासी मौगंज।
एक आरोपी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में मौगंज निवासी अतुल (25) अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। पुलिस ने पांच दिनों के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर परिवार को सौंपते हुए अपहरण और अवैध खरीद-फरोख्त के इस नेटवर्क का खुलासा किया है।
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