BSP के गेटों पर ट्रकों की एंट्री में भारी गिरावट, ट्रांसपोर्टरों ने उठाई आवाज, सांसद विजय बघेल ने CEO और CISF DIG से की चर्चा…
रोलिंग मिल, डिस्पोजल और बोरिया गेट पर घट गई वाहनों की संख्या, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और स्टील चैंबर ने उठाई अतिरिक्त गेट, पार्किंग व VTS व्यवस्था सुधारने की मांग

भिलाई नगर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के विभिन्न गेटों पर ट्रकों की घटती आवाजाही, डिस्पैच में देरी और परिवहन व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने आवाज उठाई है। भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन एवं स्टील चैंबर भिलाई के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग सांसद विजय बघेल से उनके निवास पर मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम), सर्वर की तकनीकी दिक्कतों, वाहनों की IN-OUT प्रक्रिया में देरी, पार्किंग की कमी और गेटों पर प्रवेश व्यवस्था में सुधार की मांग रखी।

ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सांसद विजय बघेल ने तत्काल BSP के CEO चित्तरंजन महापात्रा से चर्चा की। साथ ही CISF DIG चंदन झा से फोन पर बातचीत कर गेटों पर आ रही परेशानियों के शीघ्र समाधान और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने की आवश्यकता जताई।
तीन प्रमुख गेटों पर ट्रकों की संख्या में आई गिरावट
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सांसद को सौंपे गए लिखित आवेदन में विभिन्न गेटों पर वाहनों की संख्या में आई कमी के आंकड़े प्रस्तुत किए। एसोसिएशन के अनुसार, पहले की तुलना में अब कई गेटों पर प्रतिदिन काफी कम ट्रकों को प्रवेश मिल पा रहा है। इससे परिवहन और डिस्पैच कार्य प्रभावित हो रहा है।

एसोसिएशन द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक—
- रोलिंग मिल गेट: पहले प्रतिदिन 120 से 130 ट्रक प्रवेश करते थे, अब संख्या घटकर 50 से 60 रह गई है।
- डिस्पोजल गेट: पहले 60 से 65 गाड़ियों की आवाजाही होती थी, अब केवल 25 से 30 गाड़ियां ही पहुंच पा रही हैं।
- बोरिया गेट: पहले प्रतिदिन 105 से 110 गाड़ियों को प्रवेश मिलता था, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 70 से 80 रह गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि गेटों पर वाहनों की संख्या में आई इस गिरावट से ट्रांसपोर्टरों के कामकाज और माल के डिस्पैच पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। संगठन ने गेटों की व्यवस्था में सुधार कर वाहनों की आवाजाही बढ़ाने की मांग की है।
VTS और सर्वर की तकनीकी खामियों से बढ़ रहा इंतजार
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संयंत्र के विभिन्न गेटों पर VTS और सर्वर बार-बार प्रभावित होने के कारण वाहनों की एंट्री और निकासी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है। इससे ट्रक चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और परिवहन की गति प्रभावित होती है।
ट्रांसपोर्टरों ने ऑटोमेशन आधारित चेकिंग सिस्टम लागू करने तथा VTS और सर्वर की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि तकनीकी व्यवस्था दुरुस्त होने से गेटों पर वाहनों की प्रक्रिया तेज होगी और परिचालन में होने वाली परेशानियां कम होंगी।
अतिरिक्त गेट और पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग
एसोसिएशन ने खाली वाहनों के प्रवेश और लोडेड वाहनों की निकासी के लिए अलग एवं बेहतर व्यवस्था विकसित करने की मांग रखी है। प्रतिनिधिमंडल का सुझाव है कि संयंत्र में अतिरिक्त गेट की सुविधा विकसित होने से मौजूदा गेटों पर दबाव कम होगा और वाहनों का आवागमन अधिक सुचारु हो सकेगा।
इसके अलावा गेटों के आसपास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। ट्रांसपोर्टरों ने यह भी कहा कि वाहनों की लोडिंग पूरी होने के बाद दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित किया जाना चाहिए, ताकि गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रुकना न पड़े। इन सुधारों से ट्रांसपोर्टरों के समय और परिचालन लागत दोनों की बचत हो सकेगी।
सांसद विजय बघेल ने BSP CEO और CISF DIG से की बात
प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को सुनने के बाद सांसद विजय बघेल ने BSP के मुख्य कार्यपालक अधिकारी चित्तरंजन महापात्रा से तत्काल चर्चा कर तकनीकी एवं परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने CISF DIG चंदन झा से भी फोन पर बातचीत कर संयंत्र के गेटों पर ट्रांसपोर्टरों को हो रही परेशानियों से अवगत कराया। सांसद ने प्रवेश और निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा वाहनों की आवाजाही सुचारु करने के लिए शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस पहल का उद्देश्य गेटों पर होने वाली देरी कम करना, डिस्पैच व्यवस्था को गति देना और ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा करना है। हालांकि, समस्याओं के निराकरण के लिए BSP प्रबंधन और CISF की ओर से उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
स्टील चैंबर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में स्टील चैंबर की ओर से पवन अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल और दिनेश अग्रवाल शामिल हुए।
वहीं भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी, महासचिव मलकीत सिंह, संरक्षक महेंद्र सिंह, बलजिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष जोगा राव, सचिव शाहनवाज कुरैशी, मुन्ना सिंह, उमेश सिंह, दिलीप खटवानी, रिज्जु सिंह, विक्रम अग्रवाल, अमित सिंह, गजेंद्र साहू, सुधीर सिंह, मोनी, अरविंद, चलपत राव, आनंद सिंह, गुरप्रीत सिंह और प्रशांत सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए संगठन प्रतिबद्ध
भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा कि संगठन ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा और भिलाई इस्पात संयंत्र में परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। संगठन के अनुसार, गेटों पर तकनीकी समस्याओं का समाधान, प्रवेश-निकासी प्रक्रिया में सुधार और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था होने से ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी। साथ ही संयंत्र के डिस्पैच कार्य को भी गति मिलेगी।
अब ट्रांसपोर्टरों को उम्मीद है कि सांसद विजय बघेल की पहल के बाद BSP प्रबंधन और CISF के समन्वय से समस्याओं का जल्द निराकरण होगा और संयंत्र के विभिन्न गेटों पर ट्रकों की आवाजाही पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।
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