अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: खोपली स्कूल में 185 प्रतिभागियों ने लिया जागरूकता कार्यक्रम में भाग…
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर, छात्राओं को मिली हेल्पलाइन व शासकीय योजनाओं की जानकारी

दुर्ग । बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शहीद तरुण देशमुख शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, खोपली में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 185 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बालिकाओं की सामाजिक भूमिका, उनके अधिकारों और आत्मनिर्भरता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पाण्डेय और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने छात्राओं को विभिन्न योजनाओं, कानूनी प्रावधानों और स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति जागरूक किया।
समान अवसर और बालिकाओं के अधिकारों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने लैंगिक भेदभाव और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर जोर दिया।
छात्राओं को बताया गया कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के समान अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और नोनी सुरक्षा योजना के उद्देश्यों, लाभ तथा पात्रता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
छात्राओं को समझाया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। साथ ही, उन्हें उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह रोकने और सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन की जानकारी
कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 की उपयोगिता समझाई गई, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता प्राप्त की जा सके।
स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता पर विशेष मार्गदर्शन
कार्यक्रम में किशोरियों के स्वास्थ्य को भी प्रमुखता दी गई। उन्हें संतुलित पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई और एनीमिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बालिकाओं को बिना भेदभाव शिक्षा एवं विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने, उनके स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया।
विभागीय अधिकारियों और विद्यालय स्टाफ की रही सहभागिता
कार्यक्रम में मिशन समन्वयक जया चंद्राकर, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल, चाइल्ड हेल्पलाइन से लोकमणी साहू, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईसीपीएस से सीता कन्नौजे, आउटरीच वर्कर, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इन खबरों का लाभ लेने के लिए अपने परिचितों को फॉरवर्ड करना ना भूलें।



