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सावन में आस्था का सैलाब! 24 अगस्त को देवेंद्र यादव निकालेंगे भव्य कांवड़ यात्रा….

शिवनाथ नदी से देवबलौदा तक गूंजेंगे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे, रुद्राभिषेक में उमड़ेगा शिवभक्तों का सैलाब

भिलाई। सावन के पावन महीने में भिलाई-दुर्ग की धरती एक बार फिर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर होने जा रही है। सावन के अवसर पर हर साल की तरह इस वर्ष भी भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव 24 अगस्त को भव्य कांवड़ यात्रा निकालेंगे। शिवनाथ नदी से शुरू होकर देवबलौदा के प्राचीन शिव मंदिर तक पहुंचने वाली इस धार्मिक यात्रा में भिलाई-दुर्ग सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान शिवभक्त पवित्र नदियों से जल लेकर कांवड़ के माध्यम से भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक पहुंचते हैं और जलाभिषेक कर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा और आस्था को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

सावन में आस्था का सैलाब! 24 अगस्त को देवेंद्र यादव निकालेंगे भव्य कांवड़ यात्रा....


शिवनाथ नदी से शुरू होगी आस्था की यात्रा

कांवड़ यात्रा की शुरुआत दुर्ग स्थित शिवनाथ नदी से होगी। सुबह देवेंद्र यादव शिवनाथ नदी पहुंचेंगे, जहां स्नान के बाद भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद शिवनाथ नदी का पवित्र जल कांवड़ में लेकर देवबलौदा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के लिए पैदल यात्रा शुरू की जाएगी।

यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर साथ चलेंगे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है। भगवान शिव के जयकारों के साथ कांवड़िए भक्तिभाव में आगे बढ़ेंगे।

‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयघोष से यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आएगा। सावन की भक्ति और शिवभक्तों का उत्साह पूरे वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा पैदा करेगा।

यात्रा में केवल कांवड़िए ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु भी शामिल होंगे। जगह-जगह यात्रा का स्वागत करने और शिवभक्तों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी उत्साह देखने को मिलेगा।

भक्ति गीतों और झांकियों से सजेगा यात्रा मार्ग

कांवड़ यात्रा को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए डीजे पर भक्ति गीतों, धार्मिक झांकियों और भगवान शिव से जुड़े आकर्षक स्वरूपों की प्रस्तुति की जाएगी। यात्रा के दौरान शिवभक्त भक्ति गीतों पर उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे।

भगवान शिव की झांकियां और धार्मिक प्रतीक यात्रा का विशेष आकर्षण होंगे। जगह-जगह गूंजते शिव के जयकारे और कांवड़ियों की टोली पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएगी।

युवाओं में भी कांवड़ यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है। बड़ी संख्या में युवा कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल होते हैं और पूरे रास्ते भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं।

यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है। अलग-अलग वर्ग और आयु के लोग एक साथ भगवान शिव की भक्ति में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाते हैं।


देवबलौदा में होगा महामृत्युंजय मंत्र का जाप

शिवनाथ नदी से पैदल यात्रा पूरी करने के बाद कांवड़ यात्रा देवबलौदा स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचेगी। यहां भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

मंदिर पहुंचने के बाद महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाएगा। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक संपन्न होगा। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहेंगे और भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

रुद्राभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना का विशेष वातावरण देखने को मिलेगा। कांवड़िए शिवनाथ नदी से लेकर आए पवित्र जल को भगवान शिव को अर्पित करेंगे।

सावन में आस्था का सैलाब! 24 अगस्त को देवेंद्र यादव निकालेंगे भव्य कांवड़ यात्रा....


हर साल उमड़ता है शिवभक्तों का सैलाब

देवेंद्र यादव द्वारा हर वर्ष सावन के अवसर पर निकाली जाने वाली कांवड़ यात्रा अब भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में अपनी पहचान बना चुकी है। इस यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में शिवभक्त उत्साह के साथ शामिल होते हैं।

यात्रा के दौरान बुजुर्गों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक विभिन्न वर्गों के श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में शामिल होते हैं। कई श्रद्धालु पूरे रास्ते पैदल चलकर देवबलौदा पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

कांवड़ यात्रा का उद्देश्य केवल भगवान शिव की आराधना तक सीमित नहीं है। यह आयोजन लोगों को एक साथ जोड़ने और श्रद्धा, सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी बनता है।

यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में सेवा और सहयोग की भावना से विभिन्न व्यवस्थाएं की जाती हैं। कई स्थानों पर शिवभक्तों के लिए पानी, प्रसाद और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाती है।

भक्ति के साथ भाईचारे का संदेश

देवेंद्र यादव ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पवित्र महीना है। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और आपसी भाईचारे का पर्व है।

उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ शामिल होते हैं। कांवड़ यात्रा लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने और सामूहिक रूप से धार्मिक आस्था को व्यक्त करने का अवसर देती है।

उन्होंने सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में कांवड़ यात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ यात्रा में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करने का आग्रह किया।

24 अगस्त को दिखेगा भक्ति और आस्था का भव्य नजारा

24 अगस्त को शिवनाथ नदी से शुरू होने वाली यह कांवड़ यात्रा जब देवबलौदा की ओर आगे बढ़ेगी, तो पूरे मार्ग में शिवभक्ति का माहौल देखने को मिलेगा। कांवड़ियों की लंबी कतार, हाथों में सजी कांवड़, गूंजते जयकारे, भक्ति गीत और धार्मिक झांकियां यात्रा को विशेष रूप देंगी।

शिवनाथ नदी से देवबलौदा तक की यह यात्रा हजारों शिवभक्तों की आस्था, विश्वास और भगवान भोलेनाथ के प्रति समर्पण का भव्य प्रदर्शन बनेगी।

देवबलौदा पहुंचने के बाद रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।

सावन के इस पावन अवसर पर 24 अगस्त को भिलाई-दुर्ग की सड़कों पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ भक्ति का विशाल कारवां नजर आएगा।

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