धान खरीदी से कैशलेस इलाज तक, छत्तीसगढ़ सरकार के फैसलों को विधायक ललित चंद्राकर ने बताया जनहित में ऐतिहासिक…
15 नवंबर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी, 360 नए उपार्जन केंद्र खुलेंगे; बिजली बिल में राहत और शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के निर्णय का किया स्वागत

दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए फैसलों का स्वागत करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने इन्हें जनहित में महत्वपूर्ण और सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि, आम नागरिकों को आर्थिक राहत और शासकीय सेवकों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। धान खरीदी की व्यवस्था में सुधार, घरेलू बिजली बिल में रियायत जारी रखने और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जैसे निर्णय सुशासन एवं जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा मूल्य
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। निर्धारित योजना के अनुसार प्रदेश के 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी। पिछले वर्ष पंजीकृत एग्रीस्टैक आईडी वाले किसानों को दोबारा पंजीयन से छूट देने के निर्णय से अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया कम होगी और किसानों को सुविधा मिलेगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी व्यवस्था से धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
360 नए धान उपार्जन केंद्रों से किसानों को सुविधा
ललित चंद्राकर ने प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया। इससे राज्य में धान खरीदी केंद्रों की कुल संख्या 3100 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि नए केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीकी स्थान उपलब्ध होंगे। इससे खरीदी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाने और किसानों की परेशानियां कम करने में मदद मिलेगी।
बिजली बिल में राहत की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
विधायक ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) के तहत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत जारी रखने के निर्णय की सराहना की।
उन्होंने बताया कि मासिक विद्युत खपत 400 यूनिट तक होने पर योजना का लाभ लेने की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक करने का निर्णय आम परिवारों के लिए राहतकारी है। इससे लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलता रहेगा और उनके घरेलू बजट पर आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
शासकीय कर्मचारियों और आश्रितों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा
ललित चंद्राकर ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने को महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च का भुगतान स्वयं करके बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सुविधा अधिक सरल और सुगम बनेगी।
उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में यह व्यवस्था शासकीय सेवकों और उनके परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ तत्काल आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होगी।
अतिशेष धान के बेहतर प्रबंधन पर भी जोर
विधायक ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अतिशेष धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी निर्णय के अनुसमर्थन को भी धान के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था, बिजली बिल में राहत और शासकीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे निर्णय सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति जताया आभार
ललित चंद्राकर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिपरिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक पात्र वर्ग तक पहुंचाना है। किसानों के हितों की रक्षा, आम नागरिकों को आर्थिक राहत और शासकीय कर्मचारियों के कल्याण के लिए लिए गए निर्णय प्रदेश में सुशासन और जनविश्वास को मजबूत करने में सहायक होंगे।




