सेवा और मानवता की मिसाल बने स्व. दलबीर सिंह बीरा, 7वीं पुण्यतिथि पर नम आंखों से किया गया स्मरण…
नेहरू नगर गुरुद्वारा से HTC कार्यालय तक गूंजा श्रद्धांजलि का भाव, पुत्र इंद्रजीत सिंह छोटू ने पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

भिलाई। समाजसेवा, मानवता और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले HTC कंपनी के संस्थापक स्व. स. दलबीर सिंह ‘बीरा’ की 7वीं पुण्यतिथि पर भिलाई में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। परिवार के सदस्यों, मित्रों, शुभचिंतकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके सेवाभावी व्यक्तित्व को याद करते हुए सादर नमन किया।

पुण्यतिथि के अवसर पर उनके सुपुत्र एवं HTC कंपनी के युवा डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ ने परिवार के सदस्यों के साथ नेहरू नगर स्थित गुरुद्वारा नानकसर पहुंचकर माथा टेका। इस दौरान ज्ञानी परवीन सिंह द्वारा अरदास की गई और स्व. दलबीर सिंह बीरा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
इसके साथ ही पावर हाउस फल मंडी स्थित उनके नाम से संचालित अस्पताल, बीरा के अंगना कोहका कार्यालय और HTC कार्यालय ट्रांसपोर्ट नगर में भी उनके सहयोगियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर उनकी स्मृतियों को नमन किया।
पिता की स्मृतियों को याद कर भावुक हुए इंद्रजीत सिंह
पुण्यतिथि के अवसर पर इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ ने अपने पिता को याद करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि पिता द्वारा दिए गए स्नेह, संस्कार, मार्गदर्शन और जीवन मूल्यों की छाप आज भी उनके जीवन में स्पष्ट दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि अपने कर्मों के माध्यम से स्व. दलबीर सिंह बीरा ने सेवा, मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की जो मिसाल प्रस्तुत की, वह परिवार और समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
उन्होंने भावपूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि भले ही पिता आज प्रत्यक्ष रूप से उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, विचार और आदर्श हमेशा साथ हैं। जीवन की हर राह पर उनके संस्कार और मार्गदर्शन परिवार का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
“आपकी यादें, विचार और आदर्श सदैव हमारे साथ हैं”
इंद्रजीत सिंह ने अपने पिता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार और जीवन मूल्यों ने परिवार को हमेशा सही दिशा दिखाई है। सेवा और जरूरतमंदों की सहायता को लेकर उनके पिता की सोच आज भी परिवार के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिता के दिखाए रास्ते पर चलते हुए समाज और जरूरतमंद लोगों की मदद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मलकीत सिंह लल्लू ने भी याद किए पुराने कार्य
इस अवसर पर मलकीत सिंह ‘लल्लू’ ने भी स्व. दलबीर सिंह बीरा के साथ बिताए समय और उनके सामाजिक कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि बीरा सिंह ने अपने जीवन में जिस तरह लोगों की मदद और सेवा को प्राथमिकता दी, उनके आदर्श आज भी प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने उनके पदचिह्नों पर चलने और उनके सेवाभावी विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
सोशल मीडिया पर भी उमड़ा श्रद्धांजलि का सिलसिला
स्व. दलबीर सिंह बीरा की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रमिक नेताओं, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके साथ बिताए समय और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में विधायक देवेंद्र यादव, समाजसेवी एवं श्रमिक नेता प्रभुनाथ मिश्रा ‘सन्नी’, भाजपा नेत्री तुलसी साहू, आशीष पांडेय, छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के चेयरमैन जसवीर सिंह चहल, अमरजीत छाबड़ा, पंकज सेठी, राजकिशोर मिश्रा, प्रिंस, वेणू, टी. श्रीनिवास रेड्डी, दुर्गेश रामटेके, अमरजीत सिंह, जसवंत सिंह, बबलू चौबे, जोगा राव, अमन सागर, वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार तिवारी, पत्रकार अरविंद सिंह, खिलावन सिंह चौहान, आलोक तिवारी, योगेश गुप्ता, सुधीर सिंह, यशवंत साहू, अरविंद सहित अन्य लोग शामिल रहे।
बबलू चौबे ने सुनाया मदद से जुड़ा भावुक संस्मरण
खुर्सीपार के समाजसेवी बबलू चौबे ने स्व. दलबीर सिंह बीरा से जुड़ा एक संस्मरण साझा करते हुए उनके सेवाभावी व्यक्तित्व को याद किया।
उन्होंने बताया कि बेमेतरा का एक परिवार अपने बच्चे के बर्न केस के इलाज के लिए मदद की उम्मीद लेकर HTC कार्यालय पहुंचा था। परिवार ने दलबीर सिंह बीरा की समाजसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के बारे में सुनकर उनसे मदद की गुहार लगाई थी।
बबलू चौबे के अनुसार, उस समय स्व. बीरा सिंह ने उस परिवार की सहायता करते हुए बच्चे के बर्न केस के इलाज का पूरा खर्च उठाया था। उनके अनुसार यह केवल एक उदाहरण है, जबकि ऐसे अनेक लोगों की मदद से जुड़ी यादें आज भी लोगों के बीच उनकी सामाजिक संवेदनशीलता की चर्चा करती हैं।
“भिलाई के बीरा सिंह वास्तव में छत्तीसगढ़ के हीरा थे”
बबलू चौबे ने अपने संस्मरण में स्व. दलबीर सिंह बीरा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जरूरतमंदों की सहायता को महत्व दिया और लोगों के दुख-दर्द में खड़े रहे।
उनसे जुड़े पुराने अनुभवों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बीरा सिंह का नाम ही लोगों के बीच मदद और भरोसे से जुड़ा हुआ था। जरूरतमंद लोग इसी विश्वास के साथ उनके पास पहुंचते थे कि उनकी समस्या को सुना जाएगा और यथासंभव सहायता की जाएगी।
सेवा की विरासत को आगे बढ़ा रहे इंद्रजीत सिंह
स्व. दलबीर सिंह बीरा के पुत्र इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ भी अपने पिता के सेवाभावी कार्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वे जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं।
परिवार और शुभचिंतकों का कहना है कि पिता द्वारा स्थापित सेवा और मानवता की परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। पुण्यतिथि पर इंद्रजीत सिंह ने भी अपने पिता की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
श्रद्धा के साथ याद किए गए सेवाभावी व्यक्तित्व
स्व. दलबीर सिंह बीरा की 7वीं पुण्यतिथि पर गुरुद्वारा नानकसर में हुई अरदास से लेकर उनके कार्यालयों और अस्पताल परिसर तक श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी रहा।
लोगों ने उनके सामाजिक सरोकारों, जरूरतमंदों की मदद और मानवता के प्रति समर्पण को याद किया। परिवार के लिए यह दिन भावनात्मक स्मृतियों से भरा रहा, वहीं उनके मित्रों और शुभचिंतकों ने उनके व्यक्तित्व और सेवाकार्यों को स्मरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
स्व. दलबीर सिंह बीरा की पुण्यतिथि पर उमरी श्रद्धांजलि ने यह भी दर्शाया कि किसी व्यक्ति के सामाजिक कार्य उसके जीवनकाल के बाद भी लोगों की स्मृतियों में जीवित रहते हैं। उनके परिवार द्वारा सेवा और सहायता की इस परंपरा को आगे बढ़ाना उनके विचारों को जीवंत रखने का माध्यम बना हुआ है।
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