भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन–गैर संकार्य विभाग की ओर से कार्मिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस्पात भवन सभागार में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैंसर की प्रारंभिक पहचान एवं बचाव, तनाव प्रबंधन और संतुलित आहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रशांत ओझा ने की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी तभी उपयोगी साबित होती है, जब उसे दैनिक जीवन में अपनाया जाए। उन्होंने कार्मिकों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कैंसर की शुरुआती पहचान पर जोर
कार्यक्रम में एसीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. श्रुति डे ने कैंसर से जुड़े शुरुआती लक्षणों, समय पर पहचान और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बीमारी के प्रति जागरूक रहने और स्वास्थ्य संबंधी संकेतों को नजरअंदाज न करने पर जोर दिया।
तनाव से निपटने के बताए तरीके
डॉ. पी.ए. जोबी ने कार्यस्थल और दैनिक जीवन में तनाव के कारणों तथा उसके प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने तनाव से निपटने के विभिन्न व्यावहारिक उपायों की जानकारी देते हुए मानसिक स्वास्थ्य को दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
संतुलित खान-पान पर भी चर्चा
सहायक प्रबंधक परोमिता दासगुप्ता ने संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यस्त कार्यदिवस के बीच भी पौष्टिक और संतुलित भोजन की आदत विकसित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने स्वस्थ खान-पान को बेहतर जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कार्मिकों को अपने दैनिक भोजन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य जागरूकता को कार्यसंस्कृति से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन–गैर संकार्य) जया रॉय ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मानव संसाधन–गैर संकार्य विभाग के कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह पहल कार्यस्थल पर कार्मिकों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक एवं पोषण संबंधी पहलुओं को भी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की दिशा में आयोजित की गई।