बीएसपी के 3.44 एमटीपीए क्षमता विस्तार परियोजना हेतु मेकॉन के साथ ईपीसीएम कंसल्टेंसी अनुबंध संपन्न…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपनी महत्वाकांक्षी क्षमता विस्तार परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए 3.44 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) क्रूड स्टील क्षमता विस्तार परियोजना के लिए मेकॉन लिमिटेड के साथ इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन एवं मैनेजमेंट (एपीसीएम) कंसल्टेंसी सेवाओं का अनुबंध संपन्न किया है।
वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र की क्रूड स्टील उत्पादन क्षमता 7 एमटीपीए है। प्रस्तावित विस्तार परियोजना के पूर्ण होने पर वित्तीय वर्ष 2030-31 तक संयंत्र की उत्पादन क्षमता बढ़कर 10.2 एमटीपीए हो जाएगी। यह परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र को देश के अग्रणी एकीकृत इस्पात संयंत्रों के रूप में और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ भारत में बढ़ती इस्पात मांग की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह अनुबंध 11 जुलाई 2026 को मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं–वाणिज्य) अनुराग उपाध्याय तथा मेकॉन लिमिटेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक (मार्केटिंग) आर. के. वर्मा द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) पी. के. सरकार, मेकॉन लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) राजीव खिल्लन, कार्यपालक निदेशक (मेकॉन लिमिटेड- दिल्ली कार्यालय) डॉ. आर. के. दत्ता, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) उन्मेष भारद्वाज, मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) मानस कुमार गुप्ता तथा मेकॉन-भिलाई सेंटर के वरिष्ठ महाप्रबंधक आर. के. पिल्लई सहित भिलाई इस्पात संयंत्र एवं मेकॉन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ईपीसीएम कंसल्टेंसी अनुबंध के संपन्न होने के साथ ही क्षमता विस्तार परियोजना के क्रियान्वयन चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस्पात क्षेत्र में इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी का व्यापक अनुभव रखने वाली मेकॉन लिमिटेड परियोजना की योजना निर्माण, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट प्रबंधन तथा परियोजना क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे परियोजना का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह क्षमता विस्तार परियोजना अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के समावेश के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र की उत्पादन क्षमता एवं परिचालन दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। साथ ही, यह परियोजना भारत के बुनियादी ढांचा विकास एवं बढ़ती आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप घरेलू इस्पात उत्पादन बढ़ाने के सेल के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को भी सशक्त आधार प्रदान करेगी।
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