
भिलाई । सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सतर्कता विभाग ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 से पहले चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत ब्लास्ट फर्नेस विभाग के अधिकारियों के लिए पहली बार ‘सतर्कता संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया। 29 अगस्त 2026 को हुए इस कार्यक्रम का आधार केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रही।
कार्यक्रम का नेतृत्व महाप्रबंधक (सतर्कता) रेणु गुप्ता और उप महाप्रबंधक (सतर्कता) मो. नौशाद आलम ने किया। वरिष्ठ सतर्कता निरीक्षक वीवीएस राव और अजय सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने साझा कीं जमीनी चुनौतियां
संवादात्मक स्वरूप में आयोजित इस सत्र में ब्लास्ट फर्नेस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 20 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा का प्रमुख केंद्र खरीद एवं क्रियान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियां रहीं।
इस दौरान विभिन्न अनियमितताओं पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत कर उनके संभावित जोखिमों, प्रक्रियागत कमियों और समाधान के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने अपने कार्यक्षेत्र में सामने आने वाली वास्तविक परिस्थितियों और प्रक्रियाओं से जुड़ी कठिनाइयों को भी साझा किया।
पारदर्शिता बढ़ाने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने खरीद और क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं को अधिक मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने तथा रोजमर्रा के निर्णयों में सतर्कता और सत्यनिष्ठा के मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
खुले संवाद के दौरान संभावित जोखिमों की पहचान और उन्हें कम करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा हुई। इससे अधिकारियों को अपनी शंकाओं और अनुभवों को सीधे सतर्कता टीम के सामने रखने का अवसर मिला।
सतर्कता और परिचालन टीमों के बीच संवाद को बढ़ावा
सतर्कता विभाग ने इस पहल को सतर्कता अधिकारियों और परिचालन अधिकारियों के बीच खुले एवं रचनात्मक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। विभाग के अनुसार, ऐसे संवाद अधिकारियों को प्रक्रियागत और व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा का मंच देने के साथ-साथ संस्थागत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा को मजबूत करने में मदद करते हैं।
दूसरे विभागों में भी होंगे सतर्कता संवाद
ब्लास्ट फर्नेस विभाग में आयोजित सत्र को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद बीएसपी सतर्कता विभाग आगामी दिनों में अन्य विभागों में भी इसी तरह के ‘सतर्कता संवाद’ आयोजित करने की योजना बना रहा है।
इन सत्रों के माध्यम से अधिकारियों को प्रक्रियाओं से जुड़े जोखिमों को समझने, संभावित अनियमितताओं से बचाव के उपायों पर चर्चा करने और दैनिक कार्यों में नैतिक एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे https://jantakikalam.com





