
भिलाई । सेल निदेशक (वाणिज्यिक) टी.एन. नटराजन ने 22 अगस्त 2026 को सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा कर प्रमुख उत्पादन इकाइयों के परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने वायर रॉड मिल (WRM) और यूनिवर्सल रेल मिल (URM) में उत्पादकता सुधार, परिचालन दक्षता तथा उपलब्ध क्षमताओं के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया। सेल के निदेशक (वाणिज्यिक) का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भिलाई यात्रा रही। निदेशक प्रभारी, सेल-बीएसपी चित्तरंजन महापात्र ने उनका स्वागत किया।
सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर में नटराजन को संयंत्र भ्रमण के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वायर रॉड मिल और यूनिवर्सल रेल मिल का निरीक्षण किया। मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम एवं बीआरएम) योगेश शास्त्री तथा मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) शिशिर शुक्ला ने संबंधित इकाइयों की उत्पादन गतिविधियों एवं परिचालन स्थिति से अवगत कराया।
हरियाली के संदेश के साथ पौधारोपण
दौरे के दौरान सेक्टर-10 स्थित ओवरहेड वाटर टैंक के समीप आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में नटराजन ने पौधा रोपा। कार्यक्रम में निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र के साथ कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ) पी.के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) कमल भास्कर तथा कार्यपालक निदेशक (रावघाट) अरुण कुमार उपस्थित रहे। टाउन सर्विसेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, संयंत्रकर्मियों और बीएसपी स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी पौधारोपण कर अभियान में भागीदारी निभाई।
नटराजन ने भिलाई इस्पात संयंत्र के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उपजाऊ एवं प्रदूषणमुक्त मिट्टी, स्वच्छ वायु, स्वच्छ पेयजल और अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की वास्तविक संपदा हैं। उन्होंने भिलाई की हरित संपदा को संरक्षित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा प्रत्येक वर्ष संयंत्र के परिचालन एवं आसपास के क्षेत्रों में लगभग एक लाख पौधे रोपे जाते हैं। उन्होंने कहा कि हरित क्षेत्र का विस्तार और संरक्षण संयंत्र के पर्यावरणीय प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मिल्स कलेक्टिव में रणनीति पर मंथन
इसके बाद इस्पात भवन में वरिष्ठ प्रबंधन के साथ उच्चस्तरीय मिल्स कलेक्टिव बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता नटराजन ने की। बैठक में निदेशक प्रभारी, कार्यपालक निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक तथा मिल्स क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रबंधन टीम को परिचालन एवं व्यावसायिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और रणनीतिक मार्गदर्शन दिया।
समीक्षा के दौरान WRM और URM के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। नटराजन ने उपलब्ध संसाधनों एवं क्षमताओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रत्यक्ष डिस्पैच बढ़ाने, परिचालन दक्षता एवं बिक्री प्रदर्शन में सुधार तथा उत्पादकता में निरंतर वृद्धि को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
चित्तरंजन महापात्र ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र से संगठन की अपेक्षाएं काफी अधिक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संयंत्र का पूरा कार्यबल संगठन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
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