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भिलाई स्टील प्लांट की बिक्री के दावों पर लक्ष्मी वर्मा का कांग्रेस पर हमला, सबूत पेश करने की दी चुनौती…

भाजपा की राज्यसभा सांसद ने कहा—भिलाई इस्पात संयंत्र को अडानी समूह को बेचे जाने की बात भ्रामक; कांग्रेस से प्रमाण देने या माफी मांगने की मांग

रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र की बिक्री को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कांग्रेस नेताओं के उन दावों पर आपत्ति जताई है, जिनमें भिलाई स्टील प्लांट को निजी हाथों या अडानी समूह को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने इन दावों को मनगढ़ंत और भ्रामक बताते हुए कांग्रेस से आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी है।

लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं के पास संयंत्र को अडानी समूह को बेचे जाने से जुड़े प्रमाण हैं, तो उन्हें जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कांग्रेस से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की।

भिलाई इस्पात संयंत्र को छत्तीसगढ़ की पहचान बताया

भाजपा सांसद ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं है, बल्कि यह भिलाई और पूरे छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान, अस्मिता और लाखों श्रमिकों के योगदान से जुड़ा है। उनके अनुसार, संयंत्र को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह जनता के बीच भ्रम पैदा कर सकती है।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर राजनीतिक लाभ के लिए संयंत्र की बिक्री को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। अपने बयान में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव का भी उल्लेख किया।

केंद्र सरकार के आधुनिकीकरण प्रयासों का किया उल्लेख

लक्ष्मी वर्मा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संयंत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के पास जनहित से जुड़े मुद्दों की कमी है और वह राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने के लिए भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है।

कांग्रेस से तथ्य और प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग

भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि संयंत्र को अडानी समूह को बेचे जाने संबंधी दावों के समर्थन में प्रमाण सामने रखे जाएं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे दावों के समर्थन में तथ्य नहीं हैं, तो कांग्रेस को अपने बयान वापस लेकर माफी मांगनी चाहिए।

लक्ष्मी वर्मा का यह बयान भिलाई इस्पात संयंत्र के भविष्य और उसकी बिक्री को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है। हालांकि, इस बयान में बिक्री संबंधी दावों के समर्थन या खंडन में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए बिक्री को लेकर स्थिति की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी या आधिकारिक स्रोतों की जानकारी अलग से देखना आवश्यक होगा।

 

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