बेमेतरा को मिली बिजली की नई ताकत, बेतर में 132 केवी उपकेंद्र से 97 गांवों को होगा फायदा…
80 MVA क्षमता वाले नए स्टेशन का ऊर्जीकरण; 25 करोड़ की परियोजना से घरेलू, कृषि और अन्य उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर आपूर्ति

दुर्ग । छत्तीसगढ़ के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। बेमेतरा जिले के बेतर (दाढ़ी) में नवनिर्मित 132/33 केवी उपकेंद्र को ऊर्जीकृत कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने उपकेंद्र का ऊर्जीकरण किया।
नए स्टेशन में 40-40 MVA क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर भी सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किए गए हैं। दोनों ट्रांसफॉर्मरों के साथ उपकेंद्र की कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 80 MVA हो गई है।
97 गांवों की बिजली व्यवस्था को मिलेगा सहारा
नए उपकेंद्र के शुरू होने से बेमेतरा जिले के 72 और कवर्धा जिले के 25 गांवों, यानी कुल 97 गांवों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे घरेलू, कृषि और अन्य उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है।
5 किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ा स्टेशन
नए उपकेंद्र को मुख्य पारेषण नेटवर्क से जोड़ने के लिए 220 केवी गेन्दपुर उपकेंद्र से 132 केवी उपकेंद्र की ओर जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन को LILO (Loop In Loop Out) किया गया है।
इसके लिए लगभग 8.8 करोड़ रुपये की लागत से 5 किलोमीटर नई पारेषण लाइन का निर्माण किया गया। इस व्यवस्था के जरिए बेतर उपकेंद्र को ट्रांसमिशन नेटवर्क से जोड़ा गया है।
इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता के साथ पारेषण क्षमता में भी वृद्धि होगी।
बढ़ती मांग को देखते हुए नेटवर्क का विस्तार
ऊर्जीकरण के अवसर पर प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए पारेषण नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नए उपकेंद्र और पारेषण लाइनें वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य में बढ़ने वाले विद्युत भार के लिए भी आधार तैयार करेंगी। बेमेतरा जिले का यह स्टेशन क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को अधिक सक्षम और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परिसर में पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ऊर्जीकरण कार्यक्रम के दौरान उपकेंद्र परिसर में पौधरोपण भी किया गया। प्रबंध निदेशक सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
ये अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक एम.एस. चौहान, संजय पटेल, के.एस. मनोठिया, वीरेंद्र दीक्षित एवं शिरीष शैलेट, मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीस, संजय तिवारी एवं प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश तिवारी, अधीक्षण अभियंता आई.एस. कंवर, करुणेश यादव, सुनील भूआर्य, धनेश देवांगन, तरुण ठाकुर, विक्रम मंधान एवं ललित देवांगन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
नए 132/33 केवी उपकेंद्र के संचालन से बेमेतरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और भविष्य की मांग के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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