
रायपुर । राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और लोक संस्कृति की शानदार छाप छोड़कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुए संवाद और वहां मिले अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से प्रदेश का मान बढ़ाया है।
राष्ट्रपति से संवाद बना जीवन का यादगार अनुभव
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर राष्ट्रपति भवन की यात्रा के अनुभवों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अवसर रहा।

राष्ट्रपति ने सहज वातावरण में विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए विशेष क्षणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी।
नुकेश को राष्ट्रपति ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस विशेष मुलाकात का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी।
राष्ट्रपति का यह स्नेह नुकेश के साथ वहां मौजूद अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी अविस्मरणीय स्मृति बन गया। इस आत्मीय पल ने रक्षाबंधन के पर्व को विद्यार्थियों के लिए और भी खास बना दिया।
सुवा नृत्य ने राष्ट्रपति भवन में बिखेरा छत्तीसगढ़ी रंग
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक भी देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की प्रस्तुति देकर अपनी सांस्कृतिक विरासत का परिचय दिया।
लोकगीत, संगीत और पारंपरिक नृत्य से सजी प्रस्तुति ने राष्ट्रपति भवन में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कहा—बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच उपलब्ध कराया जाए तो वे हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति से मिला प्रोत्साहन और राष्ट्रपति भवन की यात्रा से प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा में प्रेरणा का स्रोत बनना चाहिए।
प्रतिभा के साथ संस्कृति का भी हुआ प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशेष रूप से गर्व का विषय है कि प्रदेश के बच्चों ने राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर केवल अपनी प्रतिभा ही नहीं दिखाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचय कराया।
उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति प्रदेश की पहचान और अमूल्य धरोहर है। जब नई पीढ़ी अपनी परंपराओं को आत्मसात कर राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो संस्कृति को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।
इन विद्यार्थियों ने किया छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रपति से भेंट करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों में—
- राजवती पोयाम — नारायणपुर
- हिमांशु ठाकुर — सुकमा
- पायल राजानी — दुर्ग
- रागनी साहू — महासमुंद
- नुकेश कुमार वर्मा — रायपुर
- दुर्गेश साहू — महासमुंद
- डिगेश सेन — महासमुंद
शामिल थे।
इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, छत्तीसगढ़ तथा देश को गौरवान्वित करें।
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