
सर्वधर्म सेवा संस्था, भिलाई का अभियान
भिलाई की सर्वधर्म सेवा संस्था द्वारा लगातार चलाए जा रहे “अंगदान–देहदान संकल्प अभियान” में आज एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली।
मैत्री कुंज के शर्मा परिवार ने संपूर्ण देहदान का संकल्प लेकर मानवता के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
शर्मा परिवार का महान संकल्प
इस पुण्य कार्य में शामिल रहे –
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माता श्रीमती विमला शर्मा
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पुत्र राजीव शर्मा (जन्मदिन पर विशेष संकल्प)
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बहू श्रीमती शारदा शर्मा
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विजय शर्मा (जन्मदिन पर संकल्प दिवस)
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राकेश शर्मा
इसी कड़ी में रेलवे विभाग में कार्यरत पूर्वेश देवांगन ने भी मृत्यु उपरांत पूर्ण देहदान का संकल्प लिया और समाज में नई चेतना जगाई।
सभी ने अपने प्रतिज्ञा पत्र संस्था के अध्यक्ष सुरेश खांडवे को सौंपे। संस्था ने इनके इस युगांतकारी निर्णय को नमन किया।
अंगदान की वर्तमान स्थिति: एक कटु सत्य
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भारत में हर साल 5 लाख से अधिक मरीज अंगों की कमी के कारण मृत्यु को प्राप्त होते हैं।
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प्रतिदिन लगभग 20-25 हज़ार लोग हार्ट, लीवर और किडनी जैसे अंग न मिलने पर दम तोड़ देते हैं।
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मृत्यु के बाद केवल 0.01% लोग ही अंगदान करते हैं।
👉 एक मृत शरीर के अंग 8 लोगों को जीवन और ऊतक (टिशू) 75 लोगों को दृष्टि और राहत दे सकते हैं।
अंगदान में रुकावटें क्यों आती हैं?
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सड़क दुर्घटनाओं के बाद अंग समय पर सुरक्षित न हो पाना।
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मधुमेह, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ।
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सामाजिक भ्रांतियाँ और धार्मिक अंधविश्वास।
अंगदान क्यों करें?
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आपकी मृत्यु किसी और की जिंदगी की सुबह बन सकती है।
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इसमें न कोई आर्थिक बोझ, न ही परिवार पर अतिरिक्त जिम्मेदारी।
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देहदान चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाता है और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराता है।
👉 “आपका एक छोटा-सा निर्णय अनगिनत धड़कनों को नई उम्मीद दे सकता है।”
संस्था का 2030 लक्ष्य
सर्वधर्म सेवा संस्था ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2030 तक 10,000 लोग अंगदान–देहदान का व्रत लें।
अब तक संस्था के माध्यम से 313+ महादानी संकल्प दर्ज हो चुके हैं।
नागरिकों के लिए आह्वान
“मृत्यु अंत नहीं… यह किसी और जीवन की नई शुरुआत है।
अंगदान करें – अमर बनें।”
संस्था सभी नागरिकों से अपील करती है कि इस मानवता के महायज्ञ में शामिल होकर जीवन की नई लौ जलाएँ।
🌐 www.sdssbhilai.org
📧 sarvdharmsevasansthan@gmail.com
📞 7024775773
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