
भिलाई इस्पात संयंत्र, जो आईएसओ 37001:2016 के अंतर्गत एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम (एबीएमएस) के लिए प्रमाणित है, में विगत दिनों में इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सम्मेलन कक्ष में उच्च-स्तरीय ‘टॉप मैनेजमेंट रिव्यू मीटिंग’ आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र ने की।
इस अवसर पर संयंत्र के शीर्ष प्रबंधन के अधिकारीगण कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) ए. के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (परियोजना) पी. के. सरकार, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) एवं सीएमएलओ कमल भास्कर, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) एवं सीएमएलओ अरुण कुमार, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) एवं मुख्य महाप्रबंधक (नगर प्रशासन एवं सीएसआर) उत्पल दत्ता सहित सभी मुख्य महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं अतिरिक्त मुख्य सतर्कता अधिकारी तथा अतिरिक्त मुख्य एबीएमएस अधिकारी सुनील सिंगल द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने अवगत कराया कि भिलाई इस्पात संयंत्र को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा दिनांक 09 जनवरी 2024 से आईएस/आईएसओ 37001:2016 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया तथा वर्तमान में संयंत्र के लगभग 34 विभाग एवं अनुभाग इस प्रणाली के अंतर्गत प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं।
निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के दौरान पारदर्शिता एवं नैतिकता को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें कर्मचारियों के मध्य एबीएमएस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संयंत्र के प्रमुख स्थानों पर पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शित करने, एबीएमएस विषयक प्रशिक्षण सामग्री तैयार कर ‘आईगॉट कर्मयोगी’ प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील विभागों एवं अनुभागों की पुनः समीक्षा कर निगरानी तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने जैसे निर्देश शामिल रहे।
इस अवसर पर सतर्कता विभाग के महाप्रबंधकगण संदीप गुप्ता, सुश्री रेणु गुप्ता, सुश्री दीप्ति राज, सहायक महाप्रबंधक हिमांशु दवे, वरिष्ठ प्रबंधक अनुराग मित्तल, सहायक प्रबंधक प्रफुल्ल करोड़े, राम प्रवेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।




