Israel-Lebanon Talks: मिडिल ईस्ट में शांति की नई कोशिश, 14 मई को फिर होगी इजरायल-लेबनान वार्ता, अमेरिका निभाएगा बड़ी भूमिका…

Israel Lebanon Talks: मिडिल ईस्ट में भले ही जंग रुक गई है लेकिन हालात अब भी अस्थिर हैं. लेबनान और इजरायल के बीच सहमति नहीं बन पा रहा है, इजरायल लेबनान को सीजफायर का हिस्सा नहीं मानता है, अब लेबनान और इजरायल के बीच बातचीत आगामी 14 मई को होगी. इस बातचीत का मकसद हिजबुल्लाह के मकसद को समझाना है.
दोनों के बीच इस बातचीत का में अमेरिका भी मदद करेगा, ये बातचीत 23 अप्रैल की बातचीत पर आधारित होगी, इस बातचीत को लेकर अमेरिका ने क्या कहा जानते हैं. यूनाइटेड स्टेट्स 14 और 15 मई को इजरायल और लेबनान की सरकारों के बीच दो दिन की गहरी बातचीत में मदद करेगा, स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि दोनों डेलीगेशन मुख्य चिंताओं को दूर करने और लेबनान के लिए लंबे समय तक चलने वाली शांति, सुरक्षा व्यवस्था, बॉर्डर की सीमा तय करने और मानवीय और पुनर्निर्माण में मदद के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने के मकसद से डिटेल में बातचीत करेंगे.
इसका मकसद पिछले दो दशकों के नाकाम तरीके से आगे बढ़ना है, जिसने मिलिटेंट ग्रुप्स, खासकर हिजबुल्लाह को अपनी ताकत बढ़ाने का मौका दिया. US ने आगे कहा कि बातचीत लेबनान के पूरे इलाके में उसकी संप्रभुता को बहाल करने और लंबे समय तक स्थिरता के लिए हालात बनाने पर फोकस करेगा.
कहा ये भी जा रहा है कि दोनों पक्षों ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रोसेस में शामिल होने का वादा किया है, जबकि US इजरायल के लिए स्थायी सुरक्षा और लेबनान के लिए सॉवरेनिटी और पुनर्निर्माण पक्का करने के लिए मतभेदों को सुलझाने का काम करेगा.
यूनाइटेड स्टेट्स इस प्रोसेस के लिए दोनों सरकारों के कमिटमेंट का स्वागत करता है और यह मानता है कि पूरी शांति लेबनान की स्टेट अथॉरिटी की पूरी तरह से निरस्त्रीकरण पर निर्भर है. ये चर्चाएं दशकों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने और दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं. इससे पहले ट्रंप ने दोनों पक्षों के बीच 10 दिन के सीजफायर को बढ़ाने की घोषणा की थी.
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