दुर्ग में सख्त ट्रैफिक प्रवर्तन का दिखा असर, चालानी कार्रवाई बढ़ी, सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या में बड़ी गिरावट…

दुर्ग/ सड़क सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस की सख्त रणनीति अब असर दिखाने लगी है। वर्ष 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़े प्रवर्तन, नियमित चेकिंग और जन-जागरूकता अभियानों के चलते सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
2025 के मुकाबले 2026 में बेहतर नतीजे, चालान बढ़े, मौतें घटीं
आंकड़ों के अनुसार,
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वर्ष 2025 में जिले में 5,364 चालानी कार्यवाहियां की गई थीं, जिनमें सड़क दुर्घटनाओं में 47 लोगों की मौत हुई थी।
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वहीं वर्ष 2026 में प्रवर्तन को और सख्त बनाते हुए 8,662 चालानी कार्यवाहियां की गईं, जिसके परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं में मृत्यु संख्या घटकर 35 रह गई।
यह तुलना साफ दर्शाती है कि कठोर प्रवर्तन और नियमों का पालन सड़क सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
नियमों की अनदेखी पर अब नहीं मिलेगी छूट, नियमित चेकिंग और जागरूकता अभियान रहे प्रभावी
दुर्ग पुलिस द्वारा हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव और बिना लाइसेंस वाहन चलाने जैसे मामलों में नियमित चेकिंग और सख्त चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही स्कूल-कॉलेज, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाए गए।
ट्रैफिक पुलिस की सराहनीय भूमिका, सतत निगरानी से बनी सुरक्षित सड़कें
इस सकारात्मक बदलाव में यातायात पुलिस दुर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सतत निगरानी, अनुशासित प्रवर्तन और जनसंपर्क आधारित जागरूकता अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील, सड़क सुरक्षा में सहयोग करें नागरिक
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे
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हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें
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निर्धारित गति सीमा का पालन करें
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शराब पीकर वाहन न चलाएं
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सड़क सुरक्षा सिर्फ कानून नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।
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