
जिले में अब तक 302.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
दुर्ग / जिले में 1 जून 2025 से 11 जुलाई 2025 तक 302.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सार्वाधिक वर्षा 408.3 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 247.0 मिमी. तहसील बोरी में दर्ज की गई है।
इसके अलावा तहसील धमधा में 254.6 मिमी, तहसील अहिवारा में 359.9 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 272.2 मिमी और तहसील दुर्ग में 274.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 11 जुलाई को तहसील दुर्ग में 0.0 मिमी, तहसील धमधा में 0.0 मिमी, तहसील पाटन में 5.3 मिमी, तहसील बोरी में 0.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 3.8 मिमी और तहसील अहिवारा में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व पंजीयन अनिवार्य
दुर्ग / खरीफ वर्ष 2025 से कृषक उन्नति योजना में धान के साथ-साथ फसल विविधिकरण प्रोत्साहन के तहत् दलहन-तिलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा इनके उत्पादन में आत्मनिर्भता के लक्ष्य के साथ योजनान्तर्गत विहित अन्य फसलों पर आदान सहायता राशि दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
जिससे धान के अतिरिक्त दलहन-तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसलें (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल लेने वाले कृषकों को 10 हजार रू प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जायेगी। इसके अतिरिक्त विगत खरीफ में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया हो।
उन्हें धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल हेतु एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन तथा गिरदावरी में रकबे की पुष्टि उपरांत 11 हजार रू. प्रति एकड़ की दर से आदान सामग्री का भुगतान किया जाएगा। अतः कृषकों से अपील की गई है कि योजना का लाभ लेने हेतु 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व संबंधित सहकारी समिति के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल में अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराये।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे समस्त कृषक, जिनके द्वारा खरीफ मौसम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से सम्बद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (लैम्पस सहित) अथवा छ.ग. कृषि बीज एवं कृषि विकास निगम लिमि को धान बीज का विक्रय किया गया हो।
विगत खरीफ मौसम में एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई हो तथा समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया हो तथा वर्तमान में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास फसल हेतु पंजीयन कराया हो, योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे।
संस्थागत समितियां जैसे- ट्रस्ट, मंडल, प्रायवेट लिमि, शाला विकास समिति तथा केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थानों को योजनान्तर्गत पात्रता नहीं होगी। कृषकों को आदान सहायता राशि का भुगतान कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधान के अध्याधीन किया जायेगा।
कृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, फसल के काश्त लागत में कमी लाकर कृषकों की आय में वृद्धि तथा उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार के साथ उन्नत बीज. उर्वरक कीटनाशक, मानव श्रम, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीक में निवेश तथा फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन देते हुए कृषि लाभकारी व्यवसाय के रूप में पुनर्स्थापित करना है। इस योजना का कियान्वयन खरीफ 2025 से किया जायेगा।
राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। जिसके कारण कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे-उन्नत बीज उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। राज्य शासन द्वारा कृषि में पर्याप्त निवेश एवं काश्त लागत राहत देने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की गई है।
उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग में पी.पी.टी./नान-पी.पी.टी. एवं लेटरल एंट्री की रिक्त सीटों में प्रवेश हेतु अन्तिम अवसर
दुर्ग / तकनीकी शिक्षा संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त करने हेतु ऑनलाईन कांउसिलिंग का कार्यकम जारी किया गया है। इस हेतु उनके अधिकारिक वेबसाईट www.cgdteraipur.cgstate.gov.in एवं https://cgdte.admissions.nic.in पर शैक्षणिक अर्हता एवं प्रवेश सम्बन्धी नियमों का अवलोकन किया जा सकता है।
प्रदेश के अन्य पॉलीटेक्निक संस्थाओं के साथ साथ उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में पी.पी.टी. के माध्यम से / नान-पी.पी.टी. के माध्यम से तथा लेटरल एंट्री के माध्यम से सत्र 2025-26 में मेेरिट के आधार पर द्वितीय चरण के ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन/प्रवेश के पश्चात् रिक्त सीटों में संस्था स्तर पर प्रवेश हेतु पंजीयन 10 जुलाई 2025 से प्रारंभ हो गई है जो 13 जुलाई 2025 के रात्रि 11.59 बजे तक होगी।
इसकी प्रावीण्यता सूची 18 जुलाई 2025 को अपराह्न 04.00 बजे जारी की जाएगी। प्रवेश हेतु मेरिट सूची के अनुसार संस्था स्तर पर प्रवेश का अवसर लेने के लिए विद्यार्थियों को संबंधित संस्था में 19 जुलाई 2025 को प्रातः 10.00 बजे उपस्थित होना होगा। संस्था द्वारा आबंटित्त सीटों पर प्रवेश लेने का कार्य 19 जुलाई 2025 को दोपहर 01.00 बजे से 22 जुलाई 2025 के 01.00 बजे तक होगा।
यदि संस्था में सीट रिक्त हो तो मेरिट सूची के अनुसार जो विद्यार्थी अवसर लेने के लिए संबंधित संस्था में 19 जुलाई 2025 को प्रातः 10.00 बजे उपस्थित नहीं हो पाए उसको 22 जुलाई 2025 को दोपहर 01.30 बजे से अपराह्न 05.30 बजे तक प्रवेश देने की कार्यवाही की जाएगी।
उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग में पीपीटी के माध्यम से प्रवेश के लिए सिविल-05 सीट, कम्प्यूटर सांईस 17 सीट, विद्युत इंजीनियरिंग- 09 सीट, इलेक्ट्रानिक्स 15 सीट, आई.टी.-04 सीट, यांत्रिकी 05 सीट, धातुकर्म 13 सीट कुल 68 सीट रिक्त है। लेटरल एंट्री के माध्यम से सिविल-02 सीट, कम्प्यूटर सांईस 02 सीट, विद्युत इंजीनियरिंग- निरंक सीट, इलेक्ट्रानिक्स 24 सीट, आई.टी. – निरंक सीट, यांत्रिकी 01 सीट, धातुकर्म निरंक सीट कुल 29 सीट रिक्त है, तथा मार्डन आफिस मैनेजमेंट में 10 सीट रिक्त है।
रोजगार के अवसर:- इस संस्था में अन्तिम वर्ष के छात्र/छात्राओं के केम्पस प्लेसमेंट हेतु प्रतिवर्ष लगभग 20 प्रतिष्ठित संस्थान उपस्थित होते हैं, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत छात्र/छात्राओं का चयन होता है। संस्था में छात्र/छात्राओं के लिएः- एन.सी.सी., एन.एस.एस., बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास, छात्रवृत्ति, ग्रन्थालय, अनु. जनजाति एवं अनु. जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक तथा स्टेशनरी की सुविधाएं उपलब्ध है।
संस्था में एक अभ्यर्थी सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है, यदि किसी अभ्यर्थी को अपना पंजीयन कराने में असुविधा हो तो वे संस्था के कक्ष कमांक 107 में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर अपनी समस्या का निराकरण करा सकते हैं।
जिले में आपदा जोखिम न्यूनीकरण हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित
दुर्ग / प्राकृतिक आपदाओं जैसे आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, लू एवं शीत लहर से होने वाले नुकसान की रोकथाम एवं न्यूनिकरण के उद्देश्य से जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) के अंतर्गत केपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग एवं स्कूल सेफ्टी पॉलिसी के तहत स्कूल आयोजित किए जा रहे हैं।
इस क्रम में जिले के प्रत्येक विकासखंड में 25-25 शासकीय अधिकारी/कर्मचारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक के 250-250 स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों को दो बैचों में स्कूल स्तर पर वर्कशॉप के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देना, बचाव के उपायों को समझना और समुदाय में जागरूकता फैलाना है, जिससे आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
स्कूली बच्चों को विशेष रूप से आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए जाएंगे ताकि वे न केवल स्वयं की सुरक्षा कर सकें, बल्कि दूसरों को भी जागरूक कर सकें। जिले के विकासखंडों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) प्रशिक्षण और जागरूकता के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों एवं शिक्षकों/बच्चों की सूची बनाकर प्रारूप अ एवं प्रारूप-ब में प्रस्ताव तैयार कर जिला कार्यालय को शीघ्र उपलब्ध कराना होगा।
आरसेटी द्वारा बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए प्रशिक्षण 12 जुलाई से प्रारंभ
दुर्ग / बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग भारत सरकार द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण संस्थान है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करता है।
आरसेटी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवक युवतियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार विकास को सुगम बनाना है। आरसेटी द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम आत्म-उत्पादकता, सशक्तीकरण, कौशल विकास, उद्यमिता, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के बारे में शिक्षण प्रदान करते हैं।
आरसेटी द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य प्राप्ति हेतु संस्थान द्वारा जिला दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा के ग्रामीण क्षेत्र के युवक/युवतियों हेतु जुलाई माह में निःशुल्क आवासीय (भोजन व्यवस्था के साथ) प्रशिक्षण प्रारंभ 12 जुलाई 2025 से आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए कंप्युटर हार्डवेयर नेटवर्किंग (45 दिन) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उक्त प्रशिक्षण हेतु दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा के ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 45 वर्ष के युवक युवतियों से आवेदन आमंत्रित की गई है। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, राशन कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड, मार्कशीट, 4 पासपोर्ट फोटो की छायाप्रति अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया संबंधी जानकारी हेतु दूरभाष 0788-2961973 व ऑनलाइन लिंक https://forms.gle/vsMyXTTwb7mEwdbX6 तथा शंकराचार्य हॉस्पिटल के पास जुनवानी भिलाई जिला-दुर्ग में संपर्क कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु आवेदन 11 जुलाई तक आमंत्रित
दुर्ग / परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र-मुरूमखदान व वृन्दानगर 1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन 14 से 28 जुलाई तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय भिलाई 01 (जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा कार्यालयीन समय 10 से 5.30 बजे तक (शासकीय अवकाश को छोड़कर ) जमा किया जा सकता है।
निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)।
आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए। निवासी होने के प्रमाण में नगरीय क्षेत्र में संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड एवं ग्राम में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।
आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर एवं अजा/अजजा विभाग द्वारा संचालित कन्या आश्रम में आठवी तक अध्ययन करने पर अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
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