
दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धर्म परिवर्तन के लिए कथित दबाव, धमकी और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी कर न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई दुर्ग पुलिस द्वारा की गई।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र द्वारा उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर:
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गाली-गलौज की गई
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घर में तोड़फोड़ की गई
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जान से मारने की धमकी दी गई
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धार्मिक मूर्तियों को हटाकर फेंकने का आरोप
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पूजा-पाठ में बाधा पहुंचाने की बात सामने आई
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
थाना नेवई में दर्ज प्रकरण में निम्न धाराएं लगाई गई हैं:
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धारा 298, 299 — भारतीय न्याय संहिता (BNS)
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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4
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अपराध क्रमांक: 085/2026
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की गई।
कहां की है घटना?
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📍 स्थान: आशीष नगर पश्चिम, रिसाली भिलाई
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🏠 थाना क्षेत्र: नेवई, जिला दुर्ग
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📅 शिकायत दर्ज: 16 फरवरी 2026
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👮 गिरफ्तारी: 17 फरवरी 2026
क्या-क्या साक्ष्य जब्त किए गए?
जांच के दौरान पुलिस ने:
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शिकायत से जुड़े लिखित दस्तावेज
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अन्य साक्ष्य सामग्री
जब्त कर केस डायरी में शामिल किया है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
मामले में थाना नेवई की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की सार्वजनिक अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी प्रकार का धार्मिक दबाव, धमकी या जबरन गतिविधि सामने आए तो तुरंत सूचना दें। सभी मामलों में विधिसम्मत और निष्पक्ष जांच की जाएगी।
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