
दुर्ग | दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सीएम नर्सिंग इंस्टिट्यूट, नेहरू नगर में एक प्रभावशाली यातायात जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
15 से 35 वर्ष के युवाओं पर विशेष फोकस
यह कार्यक्रम जनवरी 2026 में जिले के स्कूलों और कॉलेजों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का हिस्सा है।
यातायात पुलिस ने बताया कि 15 से 35 वर्ष की आयु के युवा सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए इसी आयु वर्ग को लक्ष्य बनाकर यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ने दिखाई वास्तविक तस्वीरें
कार्यक्रम में प्रसिद्ध सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ श्री जोशी द्वारा एक प्रभावशाली प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
प्रेजेंटेशन में
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वास्तविक सड़क दुर्घटनाओं की तस्वीरें
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दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण
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तेज रफ्तार के घातक परिणाम
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दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय
को डेटा और उदाहरणों के माध्यम से विस्तार से समझाया गया।
तेज रफ्तार और ब्रेकिंग दूरी पर विशेष जानकारी
प्रस्तुति के दौरान
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घुमावदार सड़कों पर तेज गति से वाहन चलाने के खतरे
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ब्रेकिंग सिस्टम कैसे काम करता है
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अलग-अलग गति पर वाहन की ब्रेकिंग दूरी का प्रभाव
जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर भी छात्रों को जागरूक किया गया।
एमजे कॉलेज जूनवानी में भी जागरूकता कार्यक्रम
इसके साथ ही एमजे कॉलेज, जूनवानी में भी यातायात पुलिस द्वारा छात्रों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान निम्न नियमों पर विशेष जोर दिया गया—
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दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना
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चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना
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ट्रिपल सवारी न करना
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शराब पीकर वाहन न चलाना
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तेज रफ्तार से बचना
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वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करना
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की प्रतिबद्धता
दुर्ग यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
पुलिस का उद्देश्य युवाओं में जिम्मेदार चालक बनने की समझ विकसित करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सड़क सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है
नियम अपनाएं, सुरक्षित रहें।
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