
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 में 28 जुलाई 2025 को वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश पर परिकल्पित आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारियों का परीक्षण करना था।
प्रत्येक विभाग में आकस्मिक आपदा से निपटने हेतु प्रोटोकाल बनाये गए हैं। वैधानिक नियमों के अनुसार आपदा प्रबंधन के लिए समय-समय इस प्रोटोकाल के जांच हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। 28 जुलाई 2025 को लगभग 11ः05 बजे, “प्रिपरेटरी मॉक ड्रिल गतिविधि” के अंतर्गत वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश हुआ, जिससे एक कर्मचारी प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही साइट इंचार्ज प्रमोद वंजारी द्वारा शिफ्ट इंचार्ज लाल बाबु वर्मा को सूचित किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्क्षण मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) जे. पी. सिंह को स्थिति की जानकारी दी। इसके पश्चात कंट्रोल रूम से आपातकालीन सायरन बजाकर सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।
इस मॉक ड्रिल अभ्यास में अग्निषमन विभाग, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग, सिविल डिफेंस, मानव संसाधन विभाग, पर्यावरण प्रबंधन विभाग तथा एमएमपी-1 के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। इस अभ्यास के दौरान उप महाप्रबंधक अमित जैन, सहायक महाप्रबंधक पी.सी. तिवारी, सहायक महाप्रबंधक सुनील पटने, उप प्रबंधक एम.एम. पाण्डेय तथा कनिष्ठ प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने घटनास्थल कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 का अवलोकन किया।
स्थिति पर नियंत्रण पाते ही “ऑल क्लियर” सायरन 11ः25 बजे बजाया गया। मॉक ड्रिल के उपरांत मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) जे. पी. सिंह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी एजेंसियों की तत्परता, समन्वय एवं प्रभावशीलता की सराहना की गई और उनका आभार व्यक्त किया गया।
कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 में 28 जुलाई 2025 को वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश पर परिकल्पित आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारियों का परीक्षण करना था।
प्रत्येक विभाग में आकस्मिक आपदा से निपटने हेतु प्रोटोकाल बनाये गए हैं। वैधानिक नियमों के अनुसार आपदा प्रबंधन के लिए समय-समय इस प्रोटोकाल के जांच हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है। 28 जुलाई 2025 को लगभग 11ः05 बजे, “प्रिपरेटरी मॉक ड्रिल गतिविधि” के अंतर्गत वेंटिलेशन ब्लोअर मोटर टर्मिनल में टेस्टिंग के समय इलेक्ट्रिकल फ्लैश हुआ, जिससे एक कर्मचारी प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही साइट इंचार्ज प्रमोद वंजारी द्वारा शिफ्ट इंचार्ज लाल बाबु वर्मा को सूचित किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्क्षण मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) जे. पी. सिंह को स्थिति की जानकारी दी। इसके पश्चात कंट्रोल रूम से आपातकालीन सायरन बजाकर सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।
इस मॉक ड्रिल अभ्यास में अग्निषमन विभाग, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग, सिविल डिफेंस, मानव संसाधन विभाग, पर्यावरण प्रबंधन विभाग तथा एमएमपी-1 के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। इस अभ्यास के दौरान उप महाप्रबंधक अमित जैन, सहायक महाप्रबंधक पी.सी. तिवारी, सहायक महाप्रबंधक सुनील पटने, उप प्रबंधक एम.एम. पाण्डेय तथा कनिष्ठ प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने घटनास्थल कंप्रेस्ड एयर स्टेशन-4 का अवलोकन किया।
स्थिति पर नियंत्रण पाते ही “ऑल क्लियर” सायरन 11ः25 बजे बजाया गया। मॉक ड्रिल के उपरांत मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) जे. पी. सिंह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी एजेंसियों की तत्परता, समन्वय एवं प्रभावशीलता की सराहना की गई और उनका आभार व्यक्त किया गया।
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