“तारीख पर तारीख” का खेल अब खत्म! नए कानून में मिलेगा सख्त जवाब, IG दुर्ग IPS गर्ग ने बैठक में चर्चा कर बनाई रणनीति…

दुर्ग। बार-बार पेशी टालने वाले आरोपियों की अब खैर नहीं! नए आपराधिक कानून के तहत ऐसे मामलों पर सख्ती बरतने की रणनीति तैयार कर ली गई है। आईजी दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (IPS) की अध्यक्षता में अभियोजन अधिकारियों के साथ बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
दो बार से ज्यादा पेशी टाली, तो दर्ज होगी आपत्ति
अब अगर कोई आरोपी दो बार से अधिक कोर्ट में पेश नहीं होता या पेशी टालने की कोशिश करता है, तो पब्लिक प्रॉसिक्यूटर कोर्ट में आपत्ति दर्ज करेगा। यह फैसला उन मामलों में लगातार बढ़ रही दोषमुक्ति दर को रोकने के लिए लिया गया है।
बढ़ते दोषमुक्त मामलों पर हुआ मंथन
बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि दोषमुक्ति के पीछे कई कारण हैं:
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विवेचना में लापरवाही
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साक्ष्य संकलन में कमजोरियाँ
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गवाहों का पक्षद्रोही (Hostile) होना
इन समस्याओं को दूर करने के लिए अभियोजन और पुलिस विभाग ने मिलकर मजबूत रणनीति तैयार की।
IG गर्ग का स्पष्ट निर्देश – गवाहों से लगातार संपर्क जरूरी
IG रामगोपाल गर्ग ने निर्देश दिया कि:
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विवेचक अधिकारी गवाहों और पीड़ितों से निरंतर संवाद रखें
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उन्हें पूर्व दिए गए बयानों पर दृढ़ रहने और निर्भीक साक्ष्य देने के लिए प्रोत्साहित करें
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इससे प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया जा सकेगा
उच्च स्तरीय अधिकारियों ने बनाई रणनीति
बैठक में इन वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही:
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संयुक्त संचालक अभियोजन दुर्ग एस.एस. ध्रुव
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उप संचालक अनुरेखा सिंह (दुर्ग), प्रेमेंद्र बैसवाड़े (बालोद), कंचन पाटिल (बेमेतरा)
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद्मश्री तंवर (दुर्ग), अशोक जोशी (बालोद)
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डीएसपी शिल्पा साहू, कौशल्या साहू
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अन्य अभियोजन एवं तकनीकी अधिकारी
सभी ने तेजी से न्याय दिलाने की दिशा में ठोस पहल करने पर सहमति जताई।
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