त्रिस्तरीय जांच अनिवार्य, परीक्षार्थियों को 90 मिनट पहले पहुंचना होगा केंद्र…

रीवा/ मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आगामी 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के सफल संचालन के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश हेतु एक नवीन त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है।
जिसके तहत परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और एचएचएमडी के माध्यम से गहन तलाशी ली जाएगी। जिला प्रशासन ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 90 मिनट पूर्व केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा ताकि समय पर जांच प्रक्रिया पूर्ण की जा सके।
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही अनुमति एवं वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की जाएगी जिसका कड़ाई से पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अनिवार्य है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दोनों सत्रों में फ्रिस्किंग (जांच) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसमें पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष वीक्षकों द्वारा तथा महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला वीक्षकों द्वारा पृथक केबिन में की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे अपनी सुविधा अनुसार महिला अथवा पुरुष कर्मचारी से अपनी जांच करवा सकते हैं। परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दी जाएगी जो इस त्रि-स्तरीय जांच प्रक्रिया से गुजरेंगे। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि वे अपने साथ केवल बॉलपेन , एक पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और अपना मूल पहचान पत्र ही ले जा सकेंगे।
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