
दुर्ग | दुर्ग पुलिस के अंतर्गत थाना जामुल ने सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड, कुरूद क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल खातों के जरिए साइबर ठगी में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
कहां और कैसे हुआ खुलासा?
19 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि गुप्ता पीजी मकान के पास कुछ लोग अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर अवैध लेनदेन कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों संदेहियों को मौके से पकड़ लिया।
म्यूल खातों के जरिए साइबर फ्रॉड
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से:
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13 बैंक पासबुक
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07 चेकबुक
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18 एटीएम कार्ड
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04 मोबाइल फोन
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12 सिम कार्ड
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₹5,700 नगद
बरामद किए गए।
समन्वय पोर्टल पर जांच में सामने आया कि जब्त खातों से जुड़े मामलों में केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। इससे यह गिरोह अंतरराज्यीय साइबर अपराध से जुड़ा पाया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 108/2026 के तहत:
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धारा 318(4) BNS
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धारा 317(2) BNS
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धारा 3(5) BNS
के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
आरोपी कौन हैं?
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मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24 वर्ष), छावनी, दुर्ग
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हिमांशु पटेल (31 वर्ष), भिलाई भट्टी
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पुट्टा राकेश बाबू (27 वर्ष), वेस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश
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शुभम स्वाई (20 वर्ष), सुंदरगढ़, ओडिशा
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक रामेन्द्र सिंह सहित पुलिस टीम के अधिकारियों एवं जवानों की सक्रिय और त्वरित भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि:
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अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड किसी को उपयोग के लिए न दें।
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संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
म्यूल खाता उपलब्ध कराने या साइबर अपराध में सहयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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