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भिलाई-दुर्ग में UGC 2026 कानून के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज ने सौंपा ज्ञापन…

जाति आधारित भेदभाव रोकने और नए UGC कानून को वापस लेने की मांग

भिलाई-दुर्ग। राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज भिलाई-दुर्ग द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने और नए UGC 2026 कानून को वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार 30 जनवरी को जिला प्रशासन कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया।

राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश को सौंपा गया ज्ञापन

राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत तिवारी एवं प्रभुनाथ मिश्रा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम एक ज्ञापन एसडीएम उत्तम ध्रुव को सौंपा।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारी, यूथ विंग, महिला प्रकोष्ठ एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

‘UGC कानून से बढ़ेगा जातिगत भेदभाव’ — समाज का आरोप

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित UGC 2026 कानून से शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव की भावना को बढ़ावा मिल सकता है, जो सामाजिक समरसता के लिए घातक है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस कानून को शीघ्र वापस लिया जाए

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का किया स्वागत

राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज ने इस मुद्दे पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए अंतरिम रोक का स्वागत किया।
समाज के नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप समाज को विभाजित होने से रोकने की दिशा में अहम कदम है।

‘कानून से बिगड़ेगा सामाजिक ताना-बाना’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभुनाथ मिश्रा और शशिकांत तिवारी ने कहा कि यदि यह कानून लागू होता है तो

  • समाज में आपसी सौहार्द प्रभावित होगा

  • शिक्षा संस्थानों में टकराव की स्थिति बनेगी

  • देश में अशांति और वर्ग संघर्ष को बढ़ावा मिलेगा

उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्राह्मण समाज और सवर्ण समाज कभी भी ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं करेगा, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों के बीच भेदभाव की भावना पनपे।

केंद्र सरकार से कानून वापस लेने की अपील

समाज की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से अपील की गई कि इस कानून पर पुनर्विचार करते हुए इसे बिना विलंब वापस लिया जाए, ताकि सामाजिक एकता बनी रहे।

बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित

इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज, सवर्ण समाज सहित अन्य सामाजिक संगठनों के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए और एक स्वर में कानून का विरोध दर्ज कराया।

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