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72 दिव्यांगता प्रमाण पत्र हेतु चिन्हांकित

दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन पर जिले में राष्ट्रीय सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन मिशन कार्यक्रम अंतर्गत सिकल सेल (एसएस) मरीजों के दिव्यांगत प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धमधा के डॉ. डी पी ठाकुर खण्ड चिकित्सा अधिकारी धमधा के नेतृत्व में राष्ट्रीय सिकल सेल कार्यक्रम के अंतर्गत सिकल सेल धनात्मक मरीजों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने हेतु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

उक्त शिविर में विकासखण्ड धमधा के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं से सिकल सेल के कुल 90 मरीजों का पंजीयन किया गया। जिसमें 72 मरीजों को सत्यापित कर समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने हेतु चिन्हाकिंत किया गया। शिविर में जिला चिकित्सकीय गठित टीम डॉ. के.के. जैन मेडिसीन विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय दुर्ग, श्रीमती प्रितिका पंवार प्रोग्राम एसोसिएट दुर्ग,

रजनिश डेड़सेना समाज कल्याण विभाग दुर्ग, डॉ. विजेता डोगरे शिशु रोग विशेषज्ञ सामु.स्वा.केन्द्र झीट, डॉ. प्रफुल्ल धीवर चिकित्सा अधिकारी धमधा, श्रीमती रिचा मेश्राम विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक धमधा, बी.ई.टी.ओ. गोविन्द्र सिंह उद्दे धमधा, नर्सिग इंचार्ज श्रीमती मीना पारकर, सुपरवाईजर संतोष कुंजाम, लैब टेक्नोलॉजिस्ट श्रीमती सरला देवागंन, कांउसलर गोपाल निषाद एवं पदानुसार समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी शिविर को सफल बनाने में सभी का पूर्ण सहायोग रहा।

‘‘सखी वन स्टॉप सेंटर‘‘ में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 13 जून तक करें आवेदन

दुर्ग / मिशन शक्ति के दिशा निर्देशों के अंतर्गत “सखी वन स्टॉप सेंटर” में सेवा प्रदाताओं के कुल 06 रिक्त पदों जिसमें पैरालीगल कार्मिक/वकील 01 पद, पैरा मेडिकल कार्मिक 01 पद, बहुउद्देशीय कर्मचारी/रसोईया 01 पद एवं सुरक्षा गार्ड/नाईट गार्ड के 03 पद शामिल हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से होने वाले इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन 04 जून 2025 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 13 जून 2025 तक कार्यालयीन समय (प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक) के भीतर अपने आवेदन पत्र पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-दुर्ग (छ.ग.) में जमा कर सकते हैं। आवेदन का प्रारूप जिले की वेबसाइट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है।

मृतक के परिजन को मिली आर्थिक सहायता

दुर्ग / कलेक्टर  अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 01 कुआ चौक पंचशील नगर, जिला दुर्ग निवासी तुषार साहू की विगत 10 जुलाई 2022 को शिवनाथ नदी, महमरा एनीकेट में पैर फिसलने से गिरने पर पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी।

इसी प्रकार ग्राम कुरूद तहसील व जिला दुर्ग निवासी महेश साहू की विगत 13 जनवरी 2024 को रात्री में चिमनी ऊपर गिर जाने पर शरीर जल जाने से परिजनों द्वारा उपचार हेतु डी.के.एस. अस्पताल रायपुर में भर्ती कराया, उपचार के दौरान 25 जनवरी 2024 को आग में जलने से मृत्यु हो गई थी।

ग्राम अमलीडीह, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी रूपेश महिलांगे की विगत 17 अप्रैल 2024 को नहाते समय तालाब में डुबने से मृत्यु हो गई थी। ग्राम रीवागहन, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी भेवेश कुमार साहू की विगत 19 अक्टूबर 2024 को तालाब के गहरे पानी में गिर जाने पर डुबने से मृत्यु हो गई थी।

कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. तुषार साहू के पिता श्री भागवत साहू, स्व. महेश साहू की पत्नि श्रीमती बीना साहू, स्व. रूपेश महिलांगे की माता श्रीमती लक्ष्मी बाई महिलांगे एवं स्व. भेवेश कुमार साहू के पिता श्री लक्ष्मीनारायण साहू को 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

 गृहभेंट, पोषण परामर्श और समर्पित प्रयासों से कुपोषित बालिका सामान्य श्रेणी में पहुंची

दुर्ग / महिला एवं बाल विकास विभाग जिला दुर्ग द्वारा चलाए जा रहे कुपोषण मुक्ति अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। समुदाय में पोषण के प्रति लगातार बढ़ती जागरूकता के चलते अब कई कुपोषित बच्चों का वजन सामान्य स्तर की ओर बढ़ रहा है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण ग्राम गनियारी की 2 वर्ष 6 माह की बालिका कृषा ठाकुर का है, जो अब कुपोषण से मुक्त होकर सुपोषण की ओर बढ़ चली है।

कृषा पूर्व में मध्यम कुपोषित श्रेणी में थी। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथिलेश देवदास ने गृहभेंट की, तो पता चला कि कृषा को बाजार के पैकेट वाले चिप्स, कुरकुरे आदि खाने की आदत थी, जिससे उसका वजन नहीं बढ़ रहा था। सामान्य वजन की श्रेणी में आने के लिए कृषा को 800 ग्राम वजन बढ़ाना था।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कार्यकर्ता ने परिवार को पोषण संबंधी उचित सलाह दी। उन्हें बताया गया कि पैकेट वाले खाद्य पदार्थ बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालते हैं। इसके स्थान पर घर में बना पौष्टिक भोजन, अंकुरित अनाज, मौसमी फल, चना, मूंगफली और रेडी-टू-ईट खाद्य का उपयोग करने को कहा गया।

पर्यवेक्षक शशि रैदास द्वारा भी परिवार को डाइट चार्ट पढ़ाकर समझाया गया और उसका नियमित पालन करने की सलाह दी गई। साथ ही, कृषा को बाल संदर्भ योजना का लाभ दिलाया गया और आवश्यक दवाइयां भी समय पर दी गईं। लगातार चार माह के सतत प्रयासों और गृहभेंट के माध्यम से की गई निगरानी से कृषा का वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 10.2 किलोग्राम हो गया।

कृषा अब सामान्य श्रेणी में आ गई है। उसकी मां ने बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार जताया और अपने अनुभव को गाँव की अन्य माताओं के साथ साझा किया। कृषा की कहानी से प्रेरित होकर एक अन्य कुपोषित बालक मितांशु साहू की मां ने भी यही उपाय अपनाने शुरू कर दिया।

अब मितांशु को सामान्य स्थिति में आने के लिए केवल 200 ग्राम वजन बढ़ाने की आवश्यकता है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू ने बताया कि कुपोषण से निपटने के लिए विभाग द्वारा कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायतों में नियमित गृहभेंट, पोषण शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों में अब यह समझ विकसित हो रही है कि स्वस्थ खान-पान ही बच्चों को कुपोषण से बचा सकता है।

त्रुटि सुधार के लिए दावा आपत्ति 10 जून तक करें आवेदन

दुर्ग / शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों में 20 अप्रैल 2025 को प्राक्चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। प्राक्चयन परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए जिलेवार सूची विभागीय वेबसाइट www.eklavya.cg.nic.in पर 04 जून 2025 को अपलोड कर दी गई है। मेरिट सूची का प्रकाशन पृथक से किया जाएगा।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से मिली जानकारी अनुसार आवेदक वेबसाईट पर दर्शित परीक्षा परिणाम में अपना नाम एवं रोल नंबर का मिलान कर लेवें। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर आवेदक अपने गृह जिले के संबंधित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर दावा आपत्ति आवेदन प्रस्तुत करेंगे। डाक द्वारा दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा। दावा आपत्ति हेतु अंतिम तिथि 10 जून 2025 निर्धारित की गई है। अंतिम तिथि समाप्ति पश्चात् दावा आपत्ति मान्य नहीं किया जाएगा।

मृतक के परिजन को मिली आर्थिक सहायता

दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 16 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 01 कुआ चौक पंचशील नगर, जिला दुर्ग निवासी तुषार साहू की विगत 10 जुलाई 2022 को शिवनाथ नदी, महमरा एनीकेट में पैर फिसलने से गिरने पर पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी।

इसी प्रकार ग्राम कुरूद तहसील व जिला दुर्ग निवासी महेश साहू की विगत 13 जनवरी 2024 को रात्री में चिमनी ऊपर गिर जाने पर शरीर जल जाने से परिजनों द्वारा उपचार हेतु डी.के.एस. अस्पताल रायपुर में भर्ती कराया, उपचार के दौरान 25 जनवरी 2024 को आग में जलने से मृत्यु हो गई थी।

ग्राम अमलीडीह, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी रूपेश महिलांगे की विगत 17 अप्रैल 2024 को नहाते समय तालाब में डुबने से मृत्यु हो गई थी। ग्राम रीवागहन, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी भेवेश कुमार साहू की विगत 19 अक्टूबर 2024 को खेलते समयअचानक तालाब के गहरे पानी में गिर जाने पर डुबने से मृत्यु हो गई थी।

कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. तुषार साहू के पिता भागवत साहू, स्व. महेश साहू की पत्नि श्रीमती बीना साहू, स्व. रूपेश महिलांगे की माता श्रीमती लक्ष्मी बाई महिलांगे एवं स्व. भेवेश कुमार साहू के पिता लक्ष्मीनारायण साहू को 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

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