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वित्त एवं लेखा विभाग में राजभाषा कार्यशाला आयोजित…

भिलाई इस्पात संयंत्र के ‘वित्त एवं लेखा विभाग’ में दिनांक 22 मई 2026 को मुख्य अतिथि प्रवीन निगम कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार चोखानी, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) की गरिमामयी उपस्थिति में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया।

अपने उद्बोधन में कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीन निगम ने कहा कि, कार्यशाला के माध्यम से हिंदी में काम करने में आने वाली कठिनाई का समाधान बताया जाता है, जो अत्यंत ही उपयोगी है। हमारा दायित्व है कि हम जो भाषाएँ जानते हैं, उन समस्त भारतीय भाषाओं को व्यवहार में रखें। विभागीय कार्यों के लिए नोटशीट आदि में जहाँ तक संभव हो हिंदी में ही लिखें।

जब भी कार्यालयीन कार्यों के लिए कलम उठाएँ अथवा टायपिंग करें, हिंदी का ही उपयोग करें। हमें हर दिन हिंदी का प्रयोग करना है। हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। हमारा संयंत्र हिंदी भाषी क्षेत्र में स्थित है, हमारे सभी कार्मिक हिंदी में वार्तालाप करते हैं, अतः हिंदी से हमारी कार्यदक्षता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि वित्त एवं लेखा विभाग में नियमित रूप से कार्यशालाओं एवं अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा। इस अवसर पर श्री राजीव कुमार, महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन व जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) ने कहा कि, हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्मिकों को हिंदी में काम करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने राजभाषा विभाग सतत प्रयासरत है।

वित्त एवं लेखा विभाग की सहभागिता हिंदी के समस्त कार्यक्रमों में होती है, जो बहुत ही सराहनीय है। कार्यक्रम में महाप्रबंधकगण रजत रंजन जाना एवं प्रकाश कोलकोंडी, सुश्री चन्द्रलता चन्द्राकर, प्रशासनिक सहायक, सुश्री शिखा दीक्षित, प्रशासनिक सहायक सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

जितेन्द्र दास मानिकपुरी, उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन – राजभाषा) ने उपस्थितजनों को हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करने की शपथ दिलाई और राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी साथ ही ऑनलाइन वॉइस टायपिंग तथा ऑनलाइन नोटशीट प्रणाली सैप में हिंदी में नोटशीट बनाने का सजीव प्रदर्शन किया।

कार्यशाला के आरंभ में सुश्री आयुषी पुरोहित एवं सुश्री निकिता केशवानी ने कविताओं की प्रस्तुति देकर समूचे आयोजन को काव्यमय बना दिया। कार्यक्रम में हिंदी भाषा में सही वर्तनी के साथ विरुद्धार्थी शब्द (विलोम शब्द) लिखने पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,

जिसके पुरस्कार विजेता इस प्रकार रहे :

प्रथम- सुश्री पूजा सिंह, सहायक प्रबंधक
द्वितीय– अरुण कुमार बंसल, उप महाप्रबंधक
तृतीय- सुश्री खोमेश्वरी गंजीर, प्रशासनिक सहायक

प्रोत्साहन पुरस्कार विजेता रहे प्रतीक देशलहरा, सहायक महाप्रबंधक, आनंद कुमार तिवारी, वरिष्ठ प्रबंधक एवं सुश्री अमृता गंगराडे, उप महाप्रबंधक। वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर हिंदी में सराहनीय कार्य करने के लिये प्रत्येक तिमाही में कार्मिकों के कार्यों के आधार पर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है।

इस क्रम में इस बार समाप्त तिमाही के लिए प्रकाश कोलकोंडी, महाप्रबंधक, सुश्री आयुषी पुरोहित (उप प्रबंधक) तथा सुश्री निकिता केशवानी (उप प्रबंधक) को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सुश्री स्मिता जैन, उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एवं विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि, विगत तिमाही में आयोजित कार्यशाला में लिए गए निर्णयों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है एवं विभागीय पत्राचार हिंदी में ही किए जा रहे हैं।

संयंत्र की पत्रिका ‘भिलाई भाषा भारती’ तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की पत्रिका ‘महानदी’ में वित्त एवं लेखा विभाग के कार्मिकों की रचनाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं।

उन्होंने बताया कि, संयंत्र स्तर पर एवं नराकास स्तर पर आयोजित होने वाली समस्त प्रतियोगिताओं में वित्त एवं लेखा विभाग के कार्मिकों की ना केवल प्रतिभागिता रहती है, वरन प्रत्येक प्रतियोगिता में विभागीय कार्मिकगण को पुरस्कार भी प्राप्त होते हैं। कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सुनील कुमार शर्मा, अनुभाग अधिकारी ने किया।

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