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दो दशक बाद बीएसपी में स्कूल-स्तरीय सेफ्टी क्विज का पुनरारंभ, लगभग 500 विद्यार्थियों की उत्साही भागीदारी…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग (एसईडी) द्वारा स्कूली विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सेक्टर-10 स्थित बीएसपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (एसएसएस-10) में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए सेफ्टी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि इस प्रकार का आयोजन दो दशक से अधिक समय के अंतराल के बाद पुनः प्रारंभ किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) देबदत्त सत्पथी, महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) एस. के. अग्रवाल एवं महाप्रबंधक (शिक्षा) श्रीमती शिखा दुबे उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य (एसएसएस-10) श्रीमती सुमिता सरकार की उपस्थिति रही।

इस सेफ्टी क्विज में लगभग 500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में अग्नि सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा, एर्गोनॉमिक्स, विद्युत सुरक्षा एवं पर्यावरण जागरूकता जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सुमधुर कोरस प्रस्तुति दी गई। स्वागत गीत की प्रस्तुति विद्यार्थियों के साथ डॉ. सुधीर सिंह एवं सुश्री स्वप्ना अवस्थी, व्याख्याता द्वारा दी गई।

अपने संबोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) देबदत्त सत्पथी ने दो दशक बाद इस पहल के पुनरारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि घर, सड़क एवं खेल के मैदानों में भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक एवं भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में सुरक्षा मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया तथा विद्यालय एवं आयोजन टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना की।

महाप्रबंधक प्रभारी (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) एस. के. अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुरक्षा को केवल नियमों तक सीमित न रखते हुए इसे व्यक्तिगत आदत के रूप में विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय में, सड़क, घर एवं डिजिटल माध्यम जैसे चार प्रमुख परिवेशों में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को कॉरिडोर में न दौड़ने, प्रयोगशाला नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, बिजली एवं आग से सतर्क रहने तथा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने की सलाह दी।

उन्होंने चेतावनी दी कि एक क्षण की लापरवाही जीवनभर की समस्या बन सकती है। प्राचार्य (एसएसएस-10) श्रीमती सुमिता सरकार ने अपने वक्तव्य में कहा कि सुरक्षा को अक्सर किसी दुर्घटना के बाद ही गंभीरता से लिया जाता है, जबकि इसे निरंतर अभ्यास के माध्यम से जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल सुरक्षा पर बल देते हुए अज्ञात ऑनलाइन संपर्कों से जुड़े जोखिमों के प्रति विद्यार्थियों को सचेत किया। साथ ही उन्होंने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह क्विज विद्यार्थियों में वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी निर्णय लेने की क्षमता को सुदृढ़ करेगा।

कार्यक्रम का समन्वय सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) अजय टल्लू , उप-प्रबंधक अरिजीत रॉय, सहायक-प्रबंधक अखिल मिश्रा एवं जूनियर इंजीनियरिंग असोसिएट सुश्री लक्ष्मी देवांगन द्वारा किया गया।

मंच संचालन वरिष्ठ व्याख्याता (एसएसएस-10) श्रीमती आर. सिसिली दिनकर ने किया, जबकि विद्यालय के समस्त स्टाफ ने प्राचार्य श्रीमती सुमिता सरकार के नेतृत्व में कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दो दशक से अधिक समय के बाद आयोजित यह कार्यक्रम सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग एवं एजुकेशन विभाग के सक्रिय सहयोग तथा कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) के सतत मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

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