
दुर्ग | दुर्ग पुलिस के अंतर्गत थाना अंडा परिसर में महिला कमांडो हेतु सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शमशाद बेगम (पद्मश्री) एवं विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंडा एवं आसपास के लगभग 40 ग्रामों से 500 से अधिक महिला कमांडो ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
SDRF द्वारा आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र में SDRF टीम ने बाढ़, आगजनी, भूकंप एवं अन्य आपदाओं की स्थिति में:
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त्वरित बचाव कार्य
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प्राथमिक उपचार
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घायलों की सुरक्षित निकासी
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सामूहिक राहत एवं समन्वय प्रक्रिया
का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। महिला कमांडो को आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया देने योग्य बनाया गया।
महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और कानून की जानकारी
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा संबंधी विधिक प्रावधान, साइबर अपराध से बचाव, सामुदायिक पुलिसिंग एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
महिला कमांडो को अपने-अपने ग्रामों में:
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नशा मुक्ति अभियान
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साइबर सुरक्षा जागरूकता
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कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग
के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया।
एसएसपी का संदेश: “महिला कमांडो सुरक्षा की मजबूत कड़ी”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि महिला कमांडो ग्रामीण समाज में सुरक्षा और जागरूकता की सशक्त आधारशिला हैं। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान कर सकती हैं तथा नशा मुक्ति और महिला सुरक्षा जैसे अभियानों को गांव-गांव तक प्रभावी बना सकती हैं।
सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी महिला कमांडो ने
“सशक्त नारी, सशक्त छत्तीसगढ़”
और
“नशा मुक्त समाज, सुरक्षित समाज”
का सामूहिक संकल्प लिया।
सराहनीय भूमिका
इस आयोजन में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों, महिला डेस्क टीम और SDRF दल की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और सामाजिक समरसता के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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