
भिलाई – तीन दिवसीय बैठक में इन्वेंट्री प्रबंधन, ‘मेक इन इंडिया’ दिशा-निर्देशों, जनरेटिव एआई और प्रक्रिया दक्षता पर हुई विस्तारपूर्ण चर्चा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की समस्त इकाइयों के हेड्स ऑफ मटेरियल्स मैनेजमेंट (एचओएमएम) की तीन दिवसीय बैठक का समापन आज सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में हुआ।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), ए.के. चक्रवर्ती ने समापन उद्बोधन दिया। कार्यपालक निदेशक श्री चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में बैठक के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में चर्चा हेतु निर्धारित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह एचओएमएम बैठक विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान तथा दीर्घकालिक मुद्दों के समाधान हेतु एक प्रभावी मंच सिद्ध हुई है, जिससे सेल की समग्र क्रय एवं सामग्री प्रबंधन प्रणाली की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
उन्होंने बैठक में भाग ले रहे अधिकारियों को अनुभव के लिए शुभकामनाएं दीं और उनसे आग्रह किया कि वे इन तीन दिनों की गहन चर्चाओं से प्राप्त रणनीतियों, नीतिगत दृष्टिकोणों और व्यावहारिक निष्कर्षों को अपनी-अपनी इकाइयों में सामग्री प्रबंधन और इन्वेंट्री प्रबंधन के क्षेत्र में क्रियान्वित करें।
समापन समारोह में इन्वेंट्री प्रबंधन कार्यशाला में सहभागिता कर रहे प्रतिभागियों को एचओएमएम मंच द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिसमें उनके सक्रिय योगदान की सराहना की गई। बैठक के तीसरे दिन, सभी सेल संयंत्रों की इन्वेंट्री स्थिति की समग्र समीक्षा की गई, जिसमें लागत दक्षता एवं लाभप्रदता को बढ़ाने हेतु इन्वेंट्री प्रबंधन पद्धतियों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त, ड्राफ्ट पीआर चेकलिस्ट पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य पर्चेज दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं को अधिक सुसंगत बनाना है। बैठक में ‘मेक इन इंडिया’ (एमआईआई) दिशा-निर्देशों में हुए नवीनतम संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया, व दोपहर के सत्र में मेकिन्सी एंड कंपनी द्वारा जनरेटिव एआई के पर्चेज एवं अनुबंध प्रबंधन क्षेत्र में उभरते उपयोग और प्रभावों पर एक व्यापक प्रस्तुति दी गई।
जिसने सभी प्रतिभागियों को वैश्विक प्रौद्योगिकीय रुझानों से अवगत कराया। अंतिम सत्र में समझौता ज्ञापन, पीसीपी एवं गीईएम से संबंधित चुनौतियों तथा सामग्री प्रबंधन कार्यप्रणालियों की संचालन दक्षता में सुधार हेतु विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक का समापन भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
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