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’मीडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान के जरिये जिले में न्याय के त्वरित समाधान पर जोर…

दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मुख्य संरक्षक चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जिले में ’मीडिएशन फॉर द नेशन’ अभियान को सफल बनाने के लिए 01 और 02 जुलाई 2025 को महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के संयुक्त निर्देशन में 01 जुलाई से 07 अक्टूबर 2025 तक यह 90-दिवसीय अभियान चलेगा।

बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने की। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि ’’न्याय का मतलब सिर्फ फैसला देना नहीं, बल्कि समय रहते समाधान देना भी है।’’ बैठक में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजनाओं और प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई।

इसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों को मध्यस्थता के लाभों के बारे में जागरूक करना है, जिसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लंबित मामलों को निपटाने के लिए इस 90-दिवसीय मध्यस्थता अभियान में, ऐसे पात्र मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये गये जिनमें सुलह की संभावना हो।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग को अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए नुक्कड़ नाटक और अन्य माध्यमों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ऑनलाइन मध्यस्थता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, ताकि तकनीकी साधनों का उपयोग कर मामलों को त्वरित रूप से सुलझाया जा सके।

इसके अतिरिक्त बैठक में आगामी नेशनल लोक अदालत (13 सितंबर 2025) की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करना है।

इनमें नियमित आपराधिक प्रकरण, घरेलू हिंसा, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, चेक अनादरण (बाउंस), ऋण वसूली, विभाजन, श्रम विवाद, प्री-लिटिगेशन, न्यायालय में लंबित पुराने मामले, वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित प्रकरण और महिलाओं व बच्चों से संबंधित मामले शामिल हैं।

इन प्रयासों का लक्ष्य लोक अदालत के उद्देश्य को सफल बनाना और नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करना है। बैठक में जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, परिवार न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीशगण, प्रशिक्षित न्यायाधीश मध्यस्थ, अधिवक्ता मध्यस्थ और जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के सदस्यगण सम्मिलित हुए।

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को मिला नया जीवन, दुर्ग विधिक सेवा प्राधिकरण ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

दुर्ग / दुर्ग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक 12 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को जानलेवा गर्भावस्था से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विगत दिनों पुलगांव की एक नाबालिग पीड़िता दुष्कर्म के बाद गर्भवती हो गई थी, जिसकी गर्भावस्था उसकी जान के लिए खतरा थी।

जानकारी मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की। प्राधिकरण ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया, जिसके बाद ‘द मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट’ के तहत बालिका का सफलतापूर्वक चिकित्सीय गर्भपात कराया गया।

इस दौरान उसके स्वास्थ्य और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया। यह प्रकरण दर्शाता है कि कैसे विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ितों को समय पर उचित सहयोग देकर उनके जीवन को नई दिशा दे सकता है, कानून और मानवीयता का समन्वय स्थापित करता है। थाना पुलगांव और मोहन नगर के पैरालीगल वॉलंटियर्स ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।

देशी/विदेशी मदिरा अहाता अनुज्ञप्तियों हेतु ऑनलाइन निविदा आमंत्रित

दुर्ग / जिले की वर्ष 2025-26 की शेष अवधि एवं वर्ष 2026-27 के लिए व्यवस्थापन से शेष रही देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों के अहाता अनुज्ञप्तियों के लिए ऑनलाईन निविदा आमंत्रित की जा रही है। इच्छुक आवेदक ऑनलाईन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

आबकारी विभाग के प्र. सहायक आयुक्त से मिली जानकारी के अनुसार इस आमंत्रण के अंतर्गत समूह क्रमांक 06 उतई (सी.एस.-2 (ग-अहाता) उतई एवं एफ.एल. -1 (ख-अहाता) उतई) तथा समूह क्रमांक 36 कुगदा कुम्हारी (सी.एस.-2 (ग-कम्पोजिट अहाता) कुगदा कुम्हारी) शामिल हैं।

निविदा जमा करने की तिथि 7 जुलाई 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्रारंभ होगी, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी सातों दिन अनवरत जारी रहेगी। पूर्व मे यह तिथि 4 जुलाई 2025 से निर्धारित थी जिसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया है। आवेदक https://excise.cg.nic.in/eAhata/index.aspx पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।

लाइसेंस का आवंटन छत्तीसगढ आबकारी अधिनियम, 1915 एवं इसके अधीन बनाए गए छत्तीसगढ आबकारी देशी/विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियम, 2018 (संशोधित) के अंतर्गत किया जाएगा। यह प्रक्रिया ऑनलाईन माध्यम से ’पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर निष्पादित की जाएगी। अनुज्ञप्तियों की वैधता वित्तीय वर्ष 2025-26 की शेष अवधि एवं वर्ष 2026-27 तक होगी।

टॉपवर्थ स्टील्स एवं पॉवर प्रा. लि. बोरई रसमड़ा का सपूर्ण क्षेत्र एक वर्ष अवधि के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित

दुर्ग / जिला दण्डाधिकारीअभिजीत सिंह ने टॉपवर्थ स्टील्स एवं पॉवर प्रा. लि. बोरई रसमड़ा जिला दुर्ग क्षेत्र के सपूर्ण क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया हैं। जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 25, 26 (1) (2) के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत जिला मजिस्ट्रेट को दी गई अधिकारिता के अनुसार, टॉपवर्थ स्टील्स एवं पॉवर प्रा. लि. बोरई रसमड़ा के सपूर्ण क्षेत्र को एक वर्ष अवधि के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया हैं।

जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह के निर्देशानुसार उक्त संरक्षित क्षेत्र में विधि द्वारा अधिकृत व्यक्तियों एवं आवेदक कंपनी द्वारा प्रवेश करने के लिए अधिकृत व्यक्तियों को छोडकर अन्य व्यक्तियों का उक्त क्षेत्र में प्रवेश प्रतिषिद्ध रहेगा। यह आदेश 01 जुलाई 2025 से अधिकतम एक वर्ष के लिए लागू रहेगा एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकेगा।

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