दुर्ग में पुलिस के लिए विशेष प्रशिक्षण: तंबाकू नियंत्रण कानून और प्राथमिक उपचार तकनीकों पर कार्यशाला…

दुर्ग/ संक्षिप्त विवरण :
दिनांक 29.04.2026 को रक्षित केन्द्र दुर्ग प्रशासनिक भवन स्थित “दधीचि प्रशिक्षण” हॉल में पुलिस अधिकारी/विवेचकों, पेट्रोलिंग स्टाफ एवं डायल-112 में कार्यरत आरक्षकों हेतु राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं प्राथमिक उपचार संबंधी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) द्वारा अपने उद्बोधन में निरंतर प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि नियमित अभ्यास एवं सीखने की प्रवृत्ति से पुलिस कार्य में दक्षता, अनुशासन एवं प्रभावशीलता में निरंतर वृद्धि होती है।
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कोटपा एक्ट 2003 के तहत धारा 4 (सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध), धारा 5 (विज्ञापन प्रतिबंध) एवं धारा 6 (अ) एवं (ब) के अंतर्गत नाबालिगों को तंबाकू विक्रय एवं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में विक्रय पर प्रतिबंध संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य दुष्प्रभाव, एक्टिव एवं पैसिव स्मोकिंग के प्रभाव तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर जागरूकता प्रदान की गई। डॉ. मनोज दानी (सीएचएमओ), डॉ. अर्चना चौहान (चिकित्सा अधिकारी), डॉ. सोनल सिंह एवं डॉ. विभोर, जिला चिकित्सालय दुर्ग द्वारा स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
साथ ही जिला रेड क्रॉस सोसायटी दुर्ग के सदस्य अरविंद सुराना द्वारा भी जनजागरूकता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए गए। प्राथमिक उपचार सत्र के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को “गोल्डन ऑवर” के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को रेखांकित करते हुए डेमो के माध्यम से सीपीआर, रक्तस्राव नियंत्रण एवं सुरक्षित परिवहन जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उक्त कार्यशाला में उप पुलिस अधीक्षक (लाईन) दुर्ग, रक्षित निरीक्षक दुर्ग, कार्यालयीन स्टाफ एवं कुल लगभग 69 अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
▪️ सराहनीय भूमिका : उक्त कार्यशाला के सफल आयोजन में रक्षित केन्द्र दुर्ग के अधिकारी/कर्मचारियों, स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा जिला रेड क्रॉस सोसायटी दुर्ग के सदस्यों की समन्वित एवं प्रभावी भूमिका रही।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि तंबाकू निषेध संबंधी कानूनों का पालन करें, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान से बचें तथा सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराकर मानव जीवन की रक्षा में सहयोग करें।
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