भिलाई इस्पात संयंत्र में “नारी शक्ति: ठेका श्रमिक विशेष कार्यक्रम” का सफल आयोजन…

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन – आईआर एवं सीएलसी द्वारा 03 अप्रैल, 2026 को मानव संसाधन विकास केन्द्र में “नारी शक्ति: ठेका श्रमिक विशेष कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला ठेका श्रमिकों को सशक्त बनाना, उन्हें विभिन्न सामाजिक एवं कार्यस्थलीय पहलुओं के प्रति जागरूक करना तथा उनके योगदान को सम्मानित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार रहें व विशिष्ठ अतिथि के तौर पर महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन) जे. एन. ठाकुर, महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन–एल एंड डी) संजीव श्रीवास्तव तथा महाप्रबंधक (मानव संसाधन–आईआर एवं सीएलसी) विकास चंद्रा उपस्थित रहे। इस अवसर पर मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संयंत्र की अनेक महिला अधिकारी भी उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में पवन कुमार ने महिला ठेका श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे व्यक्ति न केवल स्वयं बल्कि अपने परिवार एवं समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वहीँ महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जे. एन. ठाकुर ने श्रमिकों से स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा में संवाद करते हुए संयंत्र द्वारा ठेका श्रमिकों के हित में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने श्रमिकों से अफवाहों से दूर रहकर सही जानकारी पर विश्वास करने तथा अधिकार एवं कर्तव्य के संतुलन को समझने का आग्रह किया।

इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 170 महिला ठेका श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रेरक गतिविधियाँ, खेल, क्विज़ एवं जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, जागरूकता एवं सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय मानव संसाधन विभाग की टीम द्वारा किया गया, जिसमें वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री प्रियंका मीना, उप प्रबंधक सुश्री समयला अंसारी, सहायक प्रबंधक सुश्री तनमयी तथा सुश्री शिरीन की विशेष भूमिका रही। यह कार्यक्रम महिला ठेका श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ, जिसने महिलाओं में जागरूकता को बढ़ावा दिया एवं प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।
संपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करे




