
दुर्ग–भिलाई। मादक पदार्थों और ड्रग्स के अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए दुर्ग पुलिस ने अहम पहल करते हुए टोल फ्री नंबर 1933 जारी किया है। इस नंबर के जरिए आम नागरिक सीधे पुलिस को नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी गोपनीय सूचना दे सकेंगे। यह पहल ऑपरेशन विश्वास के तहत शुरू की गई है।
नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने की पहल
दुर्ग पुलिस का उद्देश्य है कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने में आम जनता की भागीदारी बढ़े। अब कोई भी व्यक्ति ड्रग्स, हेरोइन, गांजा या अन्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार से जुड़ी जानकारी टोल फ्री नंबर 1933 पर दे सकता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
500 ई-रिक्शा के जरिए शहरभर में जागरूकता अभियान
जन-जागरूकता को व्यापक बनाने के लिए दुर्ग–भिलाई शहर में संचालित लगभग 500 ई-रिक्शा पर टोल फ्री नंबर 1933 के स्टिकर लगाए गए हैं।
इन ई-रिक्शा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इसके साथ ही जिले के सभी पुलिस वाहनों पर भी यह टोल फ्री नंबर प्रदर्शित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचे।
सूचना पर होगी त्वरित और वैधानिक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार टोल फ्री नंबर पर मिलने वाली सूचनाओं पर तुरंत जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अवैध नशा कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी नशे का अवैध कारोबार दिखाई दे या जानकारी मिले, तो तुरंत 1933 पर सूचना दें और जिले को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करें।
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