
सेल ने लॉन्च किया “सेल-e-BRATION”: ‘स्टील-टू-सोल’
कनेक्शन को सिलिब्रेट करने के लिए एक नेशनल क्रिएटिव चैलेंज
नई दिल्ली:– इस्पात मंत्रालय के तहत महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने MyGov के साथ मिलकर 30 जनवरी, 2026 को “सेल-e-BRATION: स्टील से देश निर्माण, सेल है मज़बूत भरोसे की पहचान” नाम से एक खास प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता के जरिए देश के आम नागरिकों को सेल (SAIL) से जुड़ी अपनी कहानियों को वीडियो रील्स, शॉर्ट फिल्मों या डिजिटल विज्ञापनों के जरिए दिखाने का मौका दिया जा रहा है।
इस अभियान का मकसद
“सेल-e-BRATION” का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि कैसे सेल (SAIL) हर भारतीय के जीवन का एक हिस्सा है। यह अभियान सेल को सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक “भरोसेमंद दोस्त” के रूप में पेश करता है। इसका लक्ष्य लोगों के साथ एक भावनात्मक रिश्ता (स्टील-टू-सोल) बनाना है—यह दिखाना कि जहाँ सेल देश की ताकत बढ़ाता है, वहीं वह आपके जीवन के हर पल का दोस्त भी है।
प्रतियोगिता के विषय (Themes)
आप नीचे दिए गए 4 विषयों में से किसी एक पर अपना वीडियो बना सकते हैं:
1. भारत के बड़े सपनों का निर्माण: भारत की तरक्की की कहानी—जैसे रेलवे, बड़े पुल और हाईवे बनाने में सेल का योगदान।
2. देश की रक्षा और अंतरिक्ष की उड़ान: सेना के टैंकों, जहाजों और अंतरिक्ष मिशनों में इस्तेमाल होने वाला सेल का फौलाद।
3. हर किसी की ज़िंदगी से जुड़ा हुआ है सेल: सेल द्वारा चलाए जा रहे स्कूल, अस्पताल और खेल प्रोग्राम इत्यादि, जिनसे लोगों का जीवन बदल रहा है।
4. हर जगह मौजूद: हमारे घरों, ऑफिसों और शहरों में सेल के वे उत्पाद जो हर पल हमारे काम आते हैं।
पुरस्कार और सम्मान
टॉप 5 वीडियो रील्स, शॉर्ट फिल्मों या डिजिटल विज्ञापनों को पुरस्कृत किया जाएगा:
• नकद इनाम: हर विजेता को ₹10,000/-
• सर्टिफिकेट: सेल की तरफ से आधिकारिक प्रशंसा पत्र और सर्टिफिकेट।
• सोशल मीडिया पर पहचान: जीतने वाले वीडियो सेल (SAIL) के सभी सोशल मीडिया पेजों पर दिखाए जाएंगे।
भाग लेने के नियम
• कौन भाग ले सकता है: भारत का कोई भी नागरिक।
• वीडियो कैसा हो: MP4 फॉर्मेट, साफ क्वालिटी (1080p) और ज्यादा से ज्यादा 2 मिनट (120 सेकंड) का।
• भाषा: आप हिंदी या अंग्रेजी में से किसी भी भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
• कैसे भेजें: अपना वीडियो गूगल ड्राइव या यूट्यूब (Unlisted Link) पर अपलोड करें और उसका लिंक MyGov पोर्टल पर जाकर सबमिट करें।
• आखिरी तारीख: वीडियो भेजने की अंतिम तिथि 16 फरवरी, 2026 (रात 11:59 बजे) है।
MyGov लिंक: https://www.mygov.in/task/sail-e-bration-steel-built-india-sail-built-trust-reel-contest/
सेल ने वित्त वर्ष 2025-26 की नौमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीने की अवधि (9M FY’26) के वित्तीय नतीजे आज जारी किए हैं, जो मजबूत ऑपरेशनल परफ़ोर्मेंस और बेहतर लाभप्रदता को दिखाते हैं।
मुख्य विशेषताएं:
• क्रूड स्टील उत्पादन: क्रूड स्टील के उत्पादन में 2% की वृद्धि हुई, जो 14.08 मिलियन टन से बढ़कर 14.35 मिलियन टन हो गया, जो कंपनी के स्टेबल ऑपरेशन को दिखाता है।
• विक्रेय मात्रा (Sales Volume): कंपनी के विक्रेय में 16.3% की वृद्धि दर्ज की गई, क्योंकि कंपनी ने खुदरा और अन्य उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई, इन्वेंट्री का उपयोग किया और अपनी डिस्पैच तथा बाजार पहुंच में सुधार किया।
• कारोबार(Revenue): कंपनी के कारोबार में लगभग 9-10% की वृद्धि हुई, जो ₹73,162 करोड़ से बढ़कर ₹79,997 करोड़ हो गई है, जो व्यापक रूप से विक्रेय मात्रा में हुई वृद्धि के अनुरूप है।
• कर पश्चात लाभ (PAT): ऑपरेशनल दक्षता, इन्वेंट्री के निपटान और लागत अनुकूलन के कारण शुद्ध लाभ (PAT) में लगभग 60% का उछाल आया।
• कर्ज में कमी: वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान कर्ज में लगभग ₹5000 करोड़ की कमी दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों (स्टैंडअलोन) के प्रदर्शन पर एक नज़र:
इकाई 9M 24-25 9M 25-26
कच्चा इस्पात उत्पादन मिलियन टन 14.08 14.35
विक्रय मात्रा मिलियन टन 12.56 14.61
प्रचालन से कारोबार रुपया करोड़ 73,162 79,997
ब्याज, कर और मूल्यहास चुकाने से पहले की कमाई (EBITDA) रुपया करोड़ 7,983 8384
अप्रत्याशित वस्तुएं और कर से पहले का लाभ रुपया करोड़ 1,728 2,349
अप्रत्याशित वस्तुएं रुपया करोड़ (283) (338)
कर–पूर्व लाभ (PBT) रुपया करोड़ 1,445 2,010
कर – पश्चात लाभ (PAT) रुपया करोड़ 970 1,554
इस अवसर पर सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अमरेंदु प्रकाश ने कहा, “हमने लाभप्रदता (profitability) में सुधार दर्ज किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों के दौरान कर पश्चात लाभ (profit after tax) पिछले वर्ष की तुलना में 60% बढ़ा है। यह वृद्धि अधिक वॉल्यूम, ऑपरेटिंग लीवरेज और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के कारण संभव हुई है।
मजबूत घरेलू मांग और बेहतर बाजार पैठ (market penetration) की वजह से बिक्री में अच्छी बढ़त देखी गई है। हमने इनपुट लागत में अस्थिरता और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के माहौल के बावजूद, अधिक वॉल्यूम, बेहतर उत्पाद मिश्रण और निरंतर लागत अनुशासन के सहयोग से ऑपरेटिंग लाभप्रदता को बनाए रखा है।“
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